शहर के प्रतिष्ठित श्री परेड जैन मंदिर में जैन समाज की ओर से लगाए गए धार्मिक संस्कार शिविर में बच्चों को उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन स्वरूप इनाम बांटे गए। यह इनाम विशेष रूप से महावीर जयंती समारोह के अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान और प्रस्तुतियों के लिए दिए गए। बच्चों ने जयंती कार्यक्रम में धार्मिक झांकियों, भक्ति गीतों, संस्कृत श्लोकों, वक्तृत्व कला और सांस्कृतिक प्रस्तुति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह। शहर के प्रतिष्ठित श्री परेड जैन मंदिर में जैन समाज की ओर से लगाए गए धार्मिक संस्कार शिविर में बच्चों को उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन स्वरूप इनाम बांटे गए। यह इनाम विशेष रूप से महावीर जयंती समारोह के अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान और प्रस्तुतियों के लिए दिए गए। बच्चों ने जयंती कार्यक्रम में धार्मिक झांकियों, भक्ति गीतों, संस्कृत श्लोकों, वक्तृत्व कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। इससे समाज के वरिष्ठजनों और आगंतुकों पर गहरा प्रभाव पड़ा। नपा अध्यक्ष अंजली जैन ने कहा कि यह संस्कार शिविर बच्चों को जैन धर्म के सिद्धांतों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें नैतिकता, सेवा, अनुशासन और आत्मचिंतन की ओर भी प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में धार्मिक शिक्षा का महत्व और अधिक बढ़ गया है और इस शिविर ने उस आवश्यकता को बखूबी पूरा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कारों की नींव जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही समृद्ध और सशक्त होगा। शिविर में बच्चों को जैन धर्म की मूल शिक्षा अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का गहन अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही ध्यान, प्रतिक्रमण, प्रार्थना, पाठ, पूजा, जीवनशैली में संयम और आत्मानुशासन जैसे विषयों पर भी नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष अंजलि जैन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जिनेश जैन, अशोक जैऩ सरस जैन बीनू जैन, राजुल जैन, राखी जैन, सिम्मी जैन, रिनी जैन, तनु जैन, साक्षी जैन, सैंकी जैन, मुस्कान जैन, वंशिका जैन, आकाश जैन, कपिल जैन केपी, राहुल जैन, अरिहंत मंडल, हर्षू जैन सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक इस अवसर पर उपस्थित रहे।
बच्चों की प्रस्तुतियों को सराहा
अशोक जैन ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि ऐसे आयोजन केवल मंदिरों तक सीमित न रहें, बल्कि इन्हें स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक भी ले जाया जाए। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा किए गए अभिवादन, संस्कृत श्लोक वाचन, धार्मिक गीतों की प्रस्तुति और जैन ग्रंथों पर आधारित लघु नाटिकाओं ने सभी का मन मोह लिया। समाज की महिलाओं की सक्रिय भूमिका ने इस शिविर को विशेष रूप से जीवंत बना दिया है। सरस जैन और बीनू जैन ने शिविर में बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने, नैतिक कहानियों के माध्यम से ज्ञानवर्धन करने और प्रोत्साहित करने का कार्य किया।
समापन समारोह में भी होंगे कार्यक्रम
राजुल जैन ने बताया कि यह शिविर अभी भी जारी है। समापन समारोह में बच्चों द्वारा एक महीने में प्राप्त ज्ञान और अनुभवों की झलक प्रस्तुत की जाएगी। जिनेश जैन ने कहा कि महावीर जयंती समारोह और शिविर में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि धर्म और संस्कृति को बचाने में आने वाली पीढ़ी न केवल सक्षम है, बल्कि उत्साही भी हैं। इन बच्चों को समय पर प्रोत्साहन देना और उनके प्रयासों को पहचानना ही समाज को भविष्य में मजबूत बनाता है।













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