शहर में इन दिनों पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ (32 मुनिराज) के पावन सान्निध्य में नगर के विभिन्न जिनालयों की वंदना और पदविहार का क्रम निरंतर जारी है। आज आचार्यश्री ने अशोक गार्डन जिनालय से पदविहार करते हुए कस्तूरबा नगर जिनालय में मंगल प्रवेश किया। पढ़िए अभिषेक अशोक पाटील की विशेष रिपोर्ट…
भोपाल। शहर में इन दिनों पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ (32 मुनिराज) के पावन सान्निध्य में नगर के विभिन्न जिनालयों की वंदना और पदविहार का क्रम निरंतर जारी है। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि आज आचार्यश्री ने अशोक गार्डन जिनालय से पदविहार करते हुए कस्तूरबा नगर जिनालय में मंगल प्रवेश किया। जिनालय पहुंचने पर समिति अध्यक्ष सुनील जैनाविन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा पाद प्रक्षालन कर श्रद्धापूर्वक अगवानी की गई।
इस अवसर पर समाजजनों ने रंगोली सजाकर एवं मंगल घोष के साथ आचार्यश्री और मुनिराजों की भव्य अगवानी की।
मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान सुपार्श्वनाथ के दर्शन कर और जिनालय में स्थापित नवीन वेदिका तथा जिन प्रतिमाओं के सौंदर्य को देखकर आचार्यश्री भाव-विभोर हो गए।
अध्यक्ष श्री सुनील जैनाविन ने जिनालय में हुए विभिन्न धार्मिक व संरचनात्मक कार्यों की जानकारी दी। आचार्यश्री ने समिति को इन सेवाभावपूर्ण कार्यों के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
इस पावन अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
शील चंद जैन, अंकेश जैन, इंजी. ए.के. जैन, देव कुमार गुड़ा, आर.के. जैन, देवेंद्र जैन, एस.सी. जैन, सौरभ जैन, आशीष जैन, सुबोध नंदन जैन, सुधीर जैन, कमल जैन, नितिन नादगांवकर, विजय कंडेया, अशोक बड़कुल, रितेश जैन, संदीप जैन, हीतेश जैन आदि।
सशक्त महिला मंडल कस्तूरबा नगर की अध्यक्ष उर्मिला जैन के साथ-साथ रश्मि, साधना, अभिलाषा, अनीता नंदन, मनीषा, शिल्पा, मीरा, अंजलि, नीतू, सोनाली जैन सहित अनेक महिलाएं भी धर्म सेवा में सहभागी बनीं।
इसके उपरांत पट्टाचार्य श्री ससंघ ने रानी कमलापति हबीबगंज स्थित निर्माणाधीन श्री पंच बाल यति जिनालय (अभिरुचि परिसर) में दर्शन कर नारायण नगर पहुंचे, जहाँ आज रात्रि विश्राम होगा।













Add Comment