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44 मंडलीय कल्याण मंदिर महामंडल विधान 20 अप्रैल को: दीप समर्पण दिव्य महाभक्ति महोत्सव होगा


आचार्य श्री विशद सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में 44 मंडलीय कल्याण मंदिर महामंडल विधान 20 अप्रैल को होगा। इसमें पुण्यार्जक सहित समाजजन भक्ति भाव से भाग लेंगे। पुण्यार्जक श्रावक को 44 दीप से दिव्य भक्ति करने का अवसर प्राप्त होगा। इंदौर से पढ़िए यह खबर…


इंदौर। एक ही लक्ष्य है,एक ही नारा हमारा, शीघ्र मंदिर निर्माण हो,है संकल्प हमारा। हुआ शिलान्यास विद्या गुरुजी के पावन आशीष द्वारा, प्रकल्प पूर्ण होगा विमलसिंधु आशीष दिशानिर्देश द्वारा, अब होगी महाभक्ति विशद गुरु के मंगल आशीष द्वारा, ऊर्जावान होगी जिनालय भूमि पार्श्वप्रभु की भक्ति द्वारा। हम सभी का सौभाग्य है कि गणाचार्य श्री विरागसागर जी के शिष्य आचार्य श्री विशद सागर जी महाराज ससंघ मुनिश्री विशाल सागर जी, विशुभ सागर जी, विभोर सागर जी, विलक्ष्य सागर जी,विपिन सागर जी, आर्यिका भक्ति भारती माताजी, क्षुल्लिका वात्सल्य भारती माताजी के पावन सानिध्य में रिद्धि-सिद्धि समृद्धि चिंतामणि प्रदायक भव्य 44 मंडलीय कल्याण मंदिर महामंडल विधान निर्माणाधीन स्वर्णिम जिनालय भूमि पर दिव्य दीप महाभक्ति द्वारा होने जा रहा है। इस महा अर्चना में मुख्य पुण्यार्जक श्रावक को 44 दीप से दिव्य भक्ति करने का अवसर प्राप्त होगा। महापूजन का एकमात्र पावन लक्ष्य निर्माणाधीन जिनालय भूमि ऊर्जावान होकर स्वर्णिम जिनालय का स्वप्न शीघ्र साकार हो। हम इन्हीं शुभ भावों के साथ पार्श्वप्रभु की महाआराधना करेंगे। महाभक्ति उत्सव में सपरिवार शामिल होकर अपने भाग्य जगाएं और अपने स्वर्णिम स्वप्न की दिव्य यात्रा को गति प्रदान करें।

यह कार्यक्रम होंगे रविवार को 

रविवार 20 अप्रैल को सुबह 7 बजे अभिषेक वृहद शांतिधारा पूज्य आचार्य श्री के मुखारविंद से होगी। सुबह 8 बजे मंडल स्थापना, शुद्धि, मांगलिक क्रियाएं होंगी। दैनिक पूजन, संगीतमय 44 मंडलीय दिव्य महामंडल विधान ,गुरुजी के प्रवचन एवं हवन होंगे। कुशल निर्देशन एवं विधानाचार्य पंडित अर्पित जैन वाणी संगीतकार रहेंगे। विधानकर्ता के समर्पण सौभाग्य अवसर ध्वजारोहण कर्ता प्रकाशचंद टोपीवाला परिवार, मुख्य पात्र परिवार मोतीलाल लीलादेवी, वीरेंद्र(एडिशनल कमिश्नर जीएसटी उज्जैन) बबली, प्रिशा, प्रासुक जैन परिवार अंजनी नगर रहेंगे। आचार्यश्री ससंघ सानिध्य में यह रिद्धि-सिद्धि चिंतामणि प्रदायक भव्य विधान पाषाण जिनालय के शीघ्र निर्माण के साथ निश्चित रूप से समाज की सुख-शांति और समृद्धि ऐश्वर्य को वर्धमान करने वाला होगा।

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