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भगवान शांतिनाथ मंदिर का वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव 18 से : कंठस्थ कला केन्द्र दिल्ली नाटिका प्रस्तुत करेगा 


नगर के डूंगरपुर रोड स्थित सिद्धि रेजीडेंसी आवासीय कॉलोनी के दिगंबर जैन समाज की ओर नवनिर्मित भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजन 18 अप्रैल से होगा। मुनि आज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में किया जाएगा। प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ के तत्वावधान में 20 अप्रैल तक यह महोत्सव किया जा रहा है। सागवाड़ा से पढ़िए यह खबर…


सागवाड़ा। नगर के डूंगरपुर रोड स्थित सिद्धि रेजीडेंसी आवासीय कॉलोनी के दिगंबर जैन समाज की ओर नवनिर्मित भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजन 18 अप्रैल से होगा। नूतन वेदी पर जिन प्रतिमा स्थापना और मंदिर शिखर पर कलश तथा ध्वजादंड स्थापना के लिए तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा का आयोजन मुनि आज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में किया जाएगा। प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ के तत्वावधान में 18 से 20 अप्रैल तक किया जा रहा है।

सिद्धि रेजीडेंसी जैन समाज के अध्यक्ष गिरिश शाह और प्रतिष्ठा महोत्सव समिति अध्यक्ष जयंतीलाल शाह ने बताया कि तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन शुक्रवार को सुबह वर्धमान सोसायटी से मुनि श्री आज्ञा सागरजी महाराज, आर्यिका सुप्रज्ञाश्री माताजी संघ के सानिध्य में समाजजनों ने बैंडबाजों के साथ मूलनायक शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा भेंट कर्ता कन्हैयालाल जैन शिरोधार्य करेंगे। महिला मंडल द्वारा सिर पर जलपूरित मंगल कलश लेकर शोभायात्रा के साथ सिद्धि रेजीडेन्सी कार्यक्रम स्थल ‘हस्तिनापुर’ नगर लाया जाएगा। जहां उषा दिनेश खोडनिया परिवार की ओर से महोत्सव का ध्वजारोहण किया जाएगा।

जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक होगा

नलिनी पवन कुमार गोवाडिया द्वारा प्रतिष्ठा मंडप का उद्घाटन किया जाएगा। भूमि शुद्धि के बाद जिन प्रतिमा की मंच पर निर्मित वेदी पर स्थापना की जाएगी। इसके बाद अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया जाएगा। आज्ञा सागरजी महाराज के प्रवचन और जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक होगा। दोपहर में सौधर्म इंद्र। सतीश ममता शाह, धनपति कुबेर शांतिलाल विरदावत, यज्ञनायक शकुंतला महिपाल शाह समेत सभी इंद्र इंद्राणी समूह द्वारा नवदेवता पूजा और यागमण्डल विधान किया जाएगा। रात्रि में जिनेन्द्र भगवान और आज्ञा सागरजी महाराज की आरती के बाद कंठस्थ कला केन्द्र दिल्ली द्वारा नाटिका प्रस्तुत की जाएगी।

श्री शांतिनाथ महार्चना विधान होगा

महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को नवनिर्मित शांतिनाथ जिन मंदिर में प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया द्वारा वास्तु विधान चारों दिशाओं में हवन के बाद सुहागन महिलाओं द्वारा 81 कलशों से नूतन वेदी की शुद्धि की जाएगी। वही दोपहर में श्री शांतिनाथ महार्चना विधान होगा। रात्रि में आरती और सांस्कृति कार्यक्रम होंगे। प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन प्रातः शांतिनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा होगी। उसके बाद जिनवाणी पूजा और सर्व शान्ति महायज्ञ के तहत इन्द्र इन्द्राणी समूह द्वारा प्रतिष्ठाचार्य पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ विश्व शान्ति कामनार्थ आहूति दी जाएगी। श्रीफल पूर्णाहूति होगी।

जिनालय मुख्य द्वार का पट्ट अनावरण होगा

पुण्याहवाचन के बाद आज्ञा सागरजी महाराज का आशीर्वचन होगा आरती विसर्जन विधि के बाद शोभायात्रा के साथ आकांक्षा कुलदीप जैन के सौजन्य से निर्मित जिनालय मुख्य द्वार का पट्ट अनावरण पिन्टेश महिपाल शाह द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिनालय में रेखा निलेश शाह परिवार द्वारा निर्मित कलात्मक वेदी पर पाषाण के मूल नायक शांतिनाथ भगवान तथा आदिनाथ भगवान, वासुपूज्य भगवान , शांतिनाथ भगवान पारसनाथ भगवान की अष्ट धातु की प्रतिमाए स्थापित की जाएगी। साथ ही शिखर पर कलश ध्वजदण्ड स्थापना के साथ प्रतिष्ठा महोत्सव होगा।

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