समाचार

आदिनाथ जयंती बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाईः भगवान आदिनाथ का पूजन बड़े भक्ति भाव से वाद्ययंत्रों के स्वरों के साथ किया गया 


प्रातः आदिनाथ मंदिर समवशरण मंदिर, सुखोदेव तीर्थ नसियाजी, में विशेष शांतिधारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात भगवान आदिनाथ की प्रतिमा गाजे-बाजों के साथ पंडाल में गन-गोटी में विराजमान की। भगवान आदिनाथ का पूजन बड़े भक्ति भाव से वाद्ययंत्रों के मधुर स्वरों के साथ गरबा नृत्य करते हुए अष्टद्रव्य के थाल सजाकर अर्घ्य चढ़ाए गए। पढ़िए नौगामा से सुरेशचंद्र गांधी की यह पूरी खबर…


नौगामा। आदिनाथ जयंती के उपलक्ष में आज प्रातः आदिनाथ मंदिर समवशरण मंदिर, सुखोदव तीर्थ नसियाजी, में विशेष शांतिधारा अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पंचोली विपुल कुमार, महावीर ट्रेडर्स, मनोज जैन ,सुभाष पंचोली को प्राप्त हुआ अभिषेक के पश्चात भगवान आदिनाथ की प्रतिमा गाजे-बाजांे के साथ पंडाल में गन गोटी में विराजमान की। जहां पर मंगलाचरण के पश्चात दीप प्रज्वलित किया गया एवं भगवान आदिनाथ की पूजन बड़े भक्ति भाव से वाद्ययंत्रों के मधुर स्वरों के साथ गरबा नृत्य करते हुए अष्टद्रव्य के थाल सजाकर अर्घ्य चढ़ाए गए।

परिवारों को विभिन्न क्रियाएं करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ

उसके बाद श्रीजी की आरती बड़े भक्ति भाव से की गई। आरती करने का प्रथम सौभाग्य निलेश जैन को प्राप्त हुआ एवं फूलमाला की बोली का सौभाग्य पंचोली विपुल कुमार लक्ष्मीलाल को प्राप्त हुआ। पालना चरण का सौभाग्य शुभम सुप्रीम घाटोल को प्राप्त हुआ एवं इस अवसर पर उनके द्वारा मंदिर की में छत्र भेंट किया गया। पालना झूलन प्रदीप रतनलाल पंचोरी जतिन सुभाष महिला मंडल जयेश कुमार कन्हैयालाल को प्राप्त हुआ।

अगवानी कर शोभायात्रा निकाली गई

विशाल शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ नगर भ्रमण को निकली। जहां पर महिलाओं द्वारा समवशरण मंदिर के बाहर गरबा नृत्य किया। इस अवसर पर पूरे नगर में घरों के बाहर रंगोली सजाई गई थी। जगह-जगह श्रीजी की अगवानी की गई शोभायात्रा तालाब बस स्टैंड होते हुए आदिनाथ मंदिर पहुंचकर विसर्जन हुआ। कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य रमेशचंद्र गांधी भारत पंचोली द्वारा किया गया। आभार की रस्म अध्यक्ष रमलाल जैन द्वारा की गई। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन का सहयोग भी प्राप्त हुआ।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page