वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज एवम् वात्सल्य मूर्ति मुनि श्री पुण्य सागरजी महाराज ससंघ (52 पीछी) विशाल संघ सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम होंगे। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया जायेगा। पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर…
धरियावाद। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया जायेगा। नगर के मध्य कुथुसागर, दिगंबर जैन नसिया मंदिर में भगवान आदिनाथ का जल, अनेक फलों के रस से, नारियल, सूखे मेवे में काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट आदि शर्करा, घी, दूध, दही, सर्वाेषघी, चार कलश, अनेक लाल सफेद चंदन, विभिन्न पुष्प, मंगल आरती, दूध से शांतिधारा सहित अनेक द्रव्यों से पंचामृत अभिषेक, सुगंधित जल, शांतिधारा की जायेगी।
इस वर्ष विशेष आयोजन होगा
समाज के महावीर वरखावत, महावीर डागरिया, लक्की रामावत शुभम् दोषी ने बताया कि वर्तमान में नगर में जैन जगत के सर्वाेच्च महान आचार्य वात्सल्य वारिधी आचार्य वर्धमान सागरजी महाराज एवं वात्सल्य मूर्ति मुनिश्री पुण्यसागरजी महाराज ससंघ (52 पीछी) विशाल संघ सहित विराजमान है। जिनके सानिध्य में भगवान का भव्य पंचामृत अभिषेक आयोजित होगा।
भगवान की शांतिधारा व विशेष पूजन
कार्यक्रम के अनुसार आचार्य संघ सहित प्रातःकाल चन्द्रप्रभु मंदिर से नसिया मंदिर पधारेगे जहाँ मंगल अभिषेक आयोजित होगा। आचार्यश्री के मुखारविंद से भगवान की शांतिधारा की जायेगी। जिसके बाद भगवान की विशेष पूजन आयोजित होंगे। कार्यक्रम को लेकर समाजजन द्वारा विभिन्न तैयारियां की जा रही है। नगर के सभी जिनालयों में श्री आदिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक, पूजन तथा रात्रि में श्री जी की आरती, पालना झुलाना और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति पूर्वक होंगे।













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