जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म कल्याणक विराग सागरजी महाराज के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण विवर्धन सागरजी एवं प्रवर्तक श्रमण मुनिश्री विश्व नायक सागरजी महाराज संघ एवं गणिनि आर्यिका विशिष्ट श्री माताजी ससंघ कुल 25 साधु संघ के मंगल आशीर्वाद से एक भव्य विशाल पद यात्रा आदिनाथ भगवान के चरणों तक बावनगजा सिद्धक्षेत्र पर जाएगी। पढ़िए धामनोद से दीपक प्रधान की यह पूरी खबर…
बड़वानी। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म कल्याणक माघ कृष्ण नवमी को दिनांक 23 मार्च 2025 को है। इस अवसर पर दिगंबर जैन युवा संघ द्वारा परम पूज्य राष्ट्र उन्नायक भारत गौरव गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण विवर्धन सागरजी एवं प्रवर्तक श्रमण मुनिश्री विश्व नायक सागरजी महाराज संघ एवं गणिनि आर्यिका विशिष्ट श्री माताजी ससंघ कुल 25 साधु संघ के मंगल आशीर्वाद से बड़वानी स्थित दिगंबर जैन मंदिर के नेमीनाथ भगवान के चरणों से एक भव्य विशाल पदयात्रा विश्व की प्रथम सबसे बड़े आदिनाथ भगवान के चरणों तक बावनगजा सिद्धक्षेत्र पर जाएगी।
भजनों एवं नारे ढोल-ढमाकों के साथ पदयात्रा निकलेगी
पूरे निमाड़, मालवा से जैन धर्म के श्रावक-श्राविका आयेंगे। पूरे पदयात्रा में जैन धर्म के भगवान आदिनाथ के भजनों एवं नारे ढोल-ढमाकों के साथ निकलेगी। सिद्ध क्षेत्र बावनगजाजी पर चतुर्विध संघ के सानिध्य में भगवान आदिनाथ के चरणों में अभिषेक और शांतिधारा संपन्न होगी। मुनिश्री विवर्धन सागरजी और गणिनी आर्यिकाश्री विशिष्ट श्री माताजी के मंगल आशीर्वाद प्रवचन होंगे। तलहटी में मुनिसंघ की आहारचर्या संम्पन्न होगी एवं क्षेत्र के आस-पास के ग्रामीणों को भोजन प्रसाद का आयोजन चंदादेवी, नेमीचंदजी संजय कुमार जैन, धामनोद परिवार द्वारा कराया जाएगा।
27 मुनियों को आहार दान, पूजन, अभिषेक का धर्मलाभ
बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद दोशी ने संपूर्ण निमाड़, मालवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान के श्रावकों से इस महान पुण्य कार्य और पदयात्रा में शामिल होकर सफल बनाने की अपील की है। साथ ही ट्रस्ट कमेटी द्वारा भव्य ऐतिहासिक पदयात्रा का स्वागत सम्मान भी क्षेत्र पर किया जाएगा। बड़वानी के युवावर्ग इस पल को ऐतिहासिक बनाने के लिए जोर-शोर से भिड़े हुए है और सभी से अपील की है कि इस पदयात्रा में शामिल हो कर भगवान आदिनाथ के सिद्ध भूमि में दर्शन, चतुर्विध संघ के दर्शन, 27 मुनियों को आहार दान, पूजन, अभिषेक आदि का धर्मलाभ लेने की अपील की ।













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