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वार्षिक मेला व महामस्तिकाभिषेक महोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्नः नारी शक्ति की सजगता से ही संस्कृति संरक्षण संभव !


नवागढ़ में वार्षिक मेला एवं महामस्तिकाभिषेक महोत्सव का आयोजन हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का आयोजन भी हुआ। सम्मेलन में विभिन्न नगरों से आए हुए महिला मंडलों के माध्यम से वैचारिक मंथन किया गया। ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत भैया एवं महोत्सव समिति ने नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता को ध्यान में रखते हुए महिला सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़ता हुआ प्रदर्शन, संस्कार विहीन शिक्षा, युवाओं में धर्म के प्रति अरुचि, विषयों पर विचार रखे गए। पढ़िए नवागढ़ से मनोज जैन नायक की पूरी खबर…


नवागढ़। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में वार्षिक मेला एवं महामस्तिकाभिषेक महोत्सव का आयोजन हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का आयोजन भी हुआ। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में आयोजित नवागढ़ महोत्सव के अंतर्गत अखिल भारतीय महिला सम्मेलन में विभिन्न नगरों से आए हुए महिला मंडलों के माध्यम से वैचारिक मंथन किया गया।

नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता
नवागढ़ महोत्सव के निर्देशन में ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत भैया एवं महोत्सव समिति ने नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता को ध्यान में रखते हुए महिला सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़ता हुआ प्रदर्शन, संस्कारविहीन शिक्षा, युवाओं में धर्म के प्रति अरुचि, विषयों पर विचार रखे गए। सम्मेलन की अध्यक्षता अर्चना जैन सदस्य नीति आयोग भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में रश्मि ऋतु एडवोकेट, सागर एवं मुख्य वक्ता के रूप में रश्मि गोयल के साथ द्विशताधिक बहनों ने सक्रियता एवं उत्साह पूर्वक उपस्थिति प्रदान की।

स्वयं पर अनुशासन
रश्मि ऋतुने अपने विचार रखते हुए कहा आज वर्तमान में धार्मिक अनुष्ठानों को महोत्सव का रूप प्रदान किया जा रहा है, जिसमें भौतिक संसाधनों की चकाचौंध, विशेष डेकोरेशन, ड्रोन, विडियो आदि द्वारा छायांकन एवं अनुष्ठानों में बढ़ता हुआ फैशन विचारणीय है।

शालीनता के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता दें
धार्मिक अनुष्ठानों का मूल आधार अहिंसा एवं वीतरागता होती है। वर्तमान में प्रदर्शन की होड़ में वस्त्रों की शुद्धि, समयबद्धता, अनुशासन एवं अनुष्ठान में सादगी का अभाव दिखाई दे रहा है, जिससे यह भेद करना बड़ा मुश्किल हो गया है कि हमारी बहनें धार्मिक अनुष्ठान में जा रही हैं या किसी शादी समारोह में। हम बहनों का कर्तव्य है हम स्वयं शालीनता के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता दें एवं अपने बच्चों को भी जिनशासन की गरिमा एवं महत्व से अवगत कराएं, जिससे उनका रुझान प्रदर्शन न होकर आत्मदर्शन की ओर हो ।

नारी शक्ति का जागरण
रश्मि गोयल ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा वर्तमान में होने वाली विसंगतियों की जिम्मेदारी हमारी है, यदि हम अपने आप को अनुशासित करें तो समाज में भी अनुशासन दिखाई देगा। नारी शक्ति यदि चाहे तो अपने बच्चों में उन संस्कारों का बीजारोपण कर सकती है जो उसके जीवन की दिशा एवं दशा को सुनिश्चित करती है। मेरा बेटा आर्मी में होकर भी शाकाहार का पक्षधर है यह मेरे लिए गौरव की बात है। हम जानते हैं वर्तमान में आधुनिक शिक्षा के लिए अपने बेटे बेटियों को बाहर भेजना होता है, वहां उनके खान-पान, रहन-सहन एवं आधुनिक परिवेश का आकर्षण उन्हें आकर्षित करता है, परंतु हमारी सजगता उनके प्रति हमारा खुला व्यवहार एवं संस्कार अपना प्रभाव अवश्य डालते हैं। हमारे परिवार में धर्म के प्रति आस्था, श्रद्धा, समर्पण ही जैन संस्कृति का संरक्षण कर सकता है, जिसे हम महिलाओं को संकल्पपूर्वक अपने जीवन में उतारने का प्रयोग करना पड़ेगा।

सार्थक विचार मंथन
समारोह की अध्यक्षा अर्चना जैन ने कहा इस प्रकार के आयोजनों से समाज में होने वाली विकृतियों, भ्रांतियों, रूढ़ियों का निरसन होता रहता है। ब्रह्मचारी निशांत भैया सदैव संस्कृति संरक्षण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। चाहे वह नवागढ़ गुरुकुलम् हो या नवागढ़ के इतिहास का संरक्षण। आपने आज नारी शक्ति को एकत्रित करके उनमें उत्साह एवं धर्म के प्रति आस्था का जो आयोजन किया है, अनुकरणीय है। हमें स्वयं को बदलना होगा तभी समाज में बदलाव आएगा, अपने बालक-बालिकाओं को उत्साहित करना हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिए, तभी हम जैन संस्कृति का संरक्षण कर पाएंगे। आज प्रदर्शन की होड़ पुरुषों में कम महिलाओं में ज्यादा हो रही है। हम ही अपने नौनिहालों को आधुनिक शिक्षा के नाम पर अपने से दूर करते हुए जैन संस्कृति से भी दूर कर रहे हैं। यह अक्षम्य अपराध है इसके प्रति हमें सजग होना पड़ेगा तभी संस्कृति का संरक्षण संभव हो सकेगा।

पदाधिकारियों का सम्मान किया गया
इसी श्रृंखला में कामिनी जैन शाहगढ़, आशा जैन बड़ागांव, प्रीति जैन मैनवार, अर्चना जैन पम्मी बरायठा आदि ने भी अपने विचार रखें। सभा का सफल संचालन संतोष जैन ने किया। सभी महिला मंडलों के पदाधिकारी का सम्मान शशि जैन, किरण जैन प्रीति जैन ने करते हुए आभार प्रकट किया।

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