समाचार

गिरनार जी श्री नेमीनाथ भगवान की तप, केवल ज्ञान और निर्वाण भूमि है : धर्म पद यात्रा के बारे में दी जानकारी


श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को दिल्ली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म, तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई तक विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली निकाली जाएगी। धर्म पद यात्रा के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने जानकारी दी। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का मार्गदर्शन और आशीर्वाद लिया गया। पढ़िए पारसोला से राजेश पंचोलिया की खबर…


पारसोला: आचार्यश्री वर्धमान सागर जी 33 साधुओं के विशाल संघ सहित सन्मति नगर में विराजित है। आचार्यश्री ने धर्म देशना में बताया कि गुजरात के गिरनार उर्जयंत पर्वत 22 वे तीर्थंकर 1008 श्री नेमिनाथ भगवान की तप, केवल ज्ञान और निर्वाण मोक्ष स्थल है। 72 करोड़ 700 मुनिराजों की निर्वाण स्थली है। श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को देहली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई पर विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली का आयोजन किया गया है।

धर्मयात्रा सकुशल हो ऐसे इंतजाम होने चाहिए

प्रशासन का कर्तव्य है कि जैन समाज को मोक्ष कल्याणक पर भगवान के दर्शन चरणों की वंदना करने के अवसर जैन समाज की 22वें तीर्थंकर श्री नेमीनाथ भगवान की धर्मयात्रा सकुशल हो ऐसे प्रशासन को इंतजाम करना चाहिए क्योंकि, श्री नेमिनाथ भगवान जैन समाज के आराध्य हैं। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सन्मति नगर पारसोला में विश्व जैन संगठन के प्रतिनिधियों एवं जैन समाज के समक्ष 1 फरवरी को प्रगट की।

आचार्य श्री ने अनुभव किए साझा

ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवं राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व जैन संगठन के इस धर्म प्रभावना के कार्य में सभी को शामिल होकर सहयोग करना चाहिए। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने वर्ष 1992 में की गई वंदना दर्शन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हमने फरवरी मार्च 1992 में हमारे संघ, आचार्यश्री निर्मलसागर जी और आर्यिका श्री विजयमति माताजी के संघ सहित सभी पांचों टोक के दर्शन वंदना की और हमने 8 दिन के प्रवास में तीन बार दर्शन वंदना की।

आचार्य पुष्पदंत सागर जी ने जिनवाणी की रचना की

इसके पूर्व मुनि श्री हितेंद्रसागर जी ने बताया कि गिरनार पर्वत में सहस्त्र वन में आचार्य धरसैनाचार्य, आचार्य भुतबली और आचार्य पुष्पदंत सागर जी महा मुनिराज ने जिनवाणी की रचना यहीं से की। आचार्य श्री के दर्शन चरण वंदना कर विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि विश्व जैन संगठन द्वारा श्री नेमिनाथ भगवान गिरनार धर्म पदयात्रा की जाएगी। 1008 श्री आदिनाथ भगवान के जन्म तप कल्याणक दिवस 23 मार्च से बलबीर नगर दिल्ली से 101 दिवसीय श्री गिरनार सिद्ध क्षेत्र यात्रा 2 जुलाई तक श्री नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा का शुभारंभ होगा।

आचार्य का आशीर्वाद लेने आए 

विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन दिल्ली 1 फरवरी को पारसोला में विराजित प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन करने और इस मंगलमय पदयात्रा कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद लेने के लिए अपने साथियों सहित पधारे हैं।

अतिथियों का स्वागत किया

संजय जैन देहली ने आचार्य के समक्ष धार्मिक पदयात्रा का उद्देश्य बताया कि समग्र अखिल भारतीय जैन समाज को भगवान नेमिनाथ के मोक्ष स्थल से जोड़ने के लिए यह पद यात्रा की जा रही है। इस अवसर पर पारसोला दिगंबर जैन समाज द्वाराआए अतिथियों का नगर की परंपरा अनुसार स्वागत किया गया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page