जैन समाज की ओर से प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का निर्वाण कल्याणक श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आदिनाथ छोटा जैन मंदिर सहित बड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर, सुपार्श्वनाथ जैन मंदिर में अभिषेक, शान्तिधारा व पूजन के कार्यक्रम सम्पन्न हुए। भगवान आदिनाथ के निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। पढ़िए सनावद से सन्मति जैन, काका की यह पूरी खबर…
सनावद। जैन समाज की ओर से प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का निर्वाण कल्याणक श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आदिनाथ छोटा जैन मंदिर सहित बड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर, सुपार्श्वनाथ जैन मंदिर में अभिषेक, शान्तिधारा व पूजन के कार्यक्रम हुए। भगवान आदिनाथ के निर्वाण का लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर आदिनाथ छोटा मंदिर में सुधीर कुमार, प्रशांत कुमार चौधरी परिवार ने मुख्य लाडू चढ़ाया एवं राजेश कुमार भाई राकेश कुमार काला, मोटक्का परिवार की ओर से लाडू निर्माण करवाया गया।
समाजजनों द्वारा बड़े बाबा का विधान किया गया
तत्पश्चात आशीष झांझरी, रिंकेश जैन, प्रफुल्ल जैन, रजत जैन, तपन जैन, राजेश जटाले, पुष्पेंद्र पंचोलिया, चिराग लश्करे, संगीता बाकलीवाल, मंजुला भूच, गरिमा पाटनी, चंदा पाटनी सरोज बाई, महिमा जैन, नीतू जैन, पुष्पा घाटे सहित अनेक समाजजनों के द्वारा बड़े बाबा (आदिनाथ) का विधान किया गया।
संसार से मुक्ति सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि
भगवान आदिनाथ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं, सभी तीर्थंकरों के पांच कल्याणक होते हैं, जिनमें अंतिम कल्याणक मोक्ष कल्याणक होता है। मोक्ष कल्याणक में तीर्थंकर शरीर, कर्म आदि से मुक्त होकर सिद्ध हो जाते हैं और उनका पुनः संसार में आवागमन नहीं होता है। मनुष्य जीवन के लिए संसार से मुक्ति सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि होती है। मोक्ष कल्याणक के माध्यम से भगवान आदिनाथ ने हजारों वर्ष पूर्व आज ही के दिन मोक्ष (निर्वाण) पद प्राप्त किया था।
भक्तामर पाठ, आरती व भजन संध्या का आयोजन
इस अवसर पर रात्रि में भक्तामरजी का पाठ आरती व भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, नंदलाल जैनी, कुसुम काका, प्रदीप पंचोलिया, ज्ञानचंद भूच, अरुण जैन,कमल काला,सावित्री बाई, प्रतिभा जैन, साधना मुंशी, अप्सरा जटाले सहित सभी समाजजन उपस्थित थे।













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