भारत गौरव राष्ट्र संत, मनोग्याचार्य, जिनशर्णम तीर्थ के प्रणेता आचार्य श्री पुलक सागर जी गुरुदेव के मंगल आशीर्वाद से सिद्ध भूमि श्री गिरनार जी (उर्जयंत शिखर) पर तीर्थंकर श्री नेमीनाथ भगवान की चरण वंदना एवं महाअर्चना विधान का भव्य आयोजन किया जा रहा है। पढ़िए धरणेन्द्र जैन की रिपोर्ट…
खेरवाड़ा। भारत गौरव राष्ट्र संत, मनोग्याचार्य, जिनशर्णम तीर्थ के प्रणेता आचार्य श्री पुलक सागर जी गुरुदेव के मंगल आशीर्वाद से सिद्ध भूमि श्री गिरनार जी (उर्जयंत शिखर) पर तीर्थंकर श्री नेमीनाथ भगवान की चरण वंदना एवं महाअर्चना विधान का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यात्रा के संयोजक सुमेश मधु वानावत ने बताया कि यात्रा में आज दोपहर गुरुकुल मैदान से 25 लग्जरी बसों के माध्यम से 1008 मुनि भक्त ऋषभदेव से रवाना होंगे और 25 अक्टूबर को पुनः लौटेंगे।
यह पूरी यात्रा भोपाल, मध्यप्रदेश निवासी संगति एवं पुण्यार्जक प्रदीप “मामा,” प्रतिभा “मामी,” राहुल जिम्मी, रेयान जैन, कृतज्ञ, लवली, सुनय, रिया परिवार द्वारा आयोजित की गई है। यात्रा संयोजक सुमेश मधु वानावत ने बताया कि इस आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज ऋषभदेव के सदस्य एवं आस-पास के पुलक मंच के सदस्य भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को लेकर समाज में उत्साह देखने को मिल रहा है। इतने बड़े आयोजन के लिए विधिवत कमेटियां बनाई गई थीं, जो सभी तैयारियां पूरी कर चुकी हैं। इस यात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी अखिल भारतीय पुलक मंच परिवार ऋषभदेव द्वारा निभाई जा रही है, और इस संपूर्ण कार्यक्रम के आयोजक मंच परिवार एवं जिनशर्णम तीर्थ ट्रस्ट उपलाट वापी रहेंगे।













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