श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा पंचायती मंदिर ताजगंज में दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन 9 सितंबर को उत्तम मार्दव धर्म मनाया गया। भक्तों ने सर्वप्रथम भगवान पारसनाथ की प्रतिमा का अभिषेक एवं शांतिधारा की। पढ़िए संजय जैन की रिपोर्ट…
आगरा। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा पंचायती मंदिर ताजगंज में दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन 9 सितंबर को उत्तम मार्दव धर्म मनाया गया। भक्तों ने सर्वप्रथम भगवान पारसनाथ की प्रतिमा का अभिषेक एवं शांतिधारा की। इसके बाद भक्तों ने विधानाचार्य श्री सुद्धातम जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में मंत्रोच्चारण के साथ उत्तम मार्दव धर्म का सामूहिक पूजन किया। विधानाचार्य श्री सुद्धातम जैन शास्त्री ने उत्तम मार्दव धर्म के बारे में भक्तों को बताया कि घमंड एक गुब्बारे की तरह है। जिस तरह गुब्बारे में हवा भरी रहती है। वह ऊपर की ओर उठता रहता है। जैसे ही हवा निकल जाती है।
गुब्बारा भी जमीन पर गिर जाता है। उसी प्रकार घमंडी व्यक्ति भी जब तक उसका घमंड रहता है तब तक घमंड के नशे में चूर होकर अपने आप को ही सब कुछ समझता है। उत्तम मार्दव धर्म घमंड अर्थात अहंकार को दूर करके व्यक्ति को विनम्र बनाता है।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन बताया कि दसलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजन की जाएगी। इस अवसर पर संजयबाबू जैन, संजय जैन, विजय कुमार जैन, योगेश जैन, पारस बाबू जैन, श्याम सुंदर जैन सहित समस्त ताजगंज जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।













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