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पर्युषण पर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा पर्व मनाया गया : घर में ऐसे रहें, जैसे मुनि आहार करने आए हों- आचार्य श्री पुलक सागर


नगर के दिगम्बर जैन भट्टारक यशकीर्ति गुरुकुल में राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव के सानिध्य में 10 दिवसीय पाप विनाशक शिविर का आयोजन किया गया। जिसके पहले दिन आज पंचमी को उत्तम क्षमा पर्व मनाया गया। पढ़िए सचिन जैन की विशेष रिपोर्ट…


  ऋषभदेव। नगर के दिगम्बर जैन भट्टारक यशकीर्ति गुरुकुल में राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव के सानिध्य में 10 दिवसीय पाप विनाशक शिविर का आयोजन किया गया। जिसके पहले दिन आज पंचमी को उत्तम क्षमा पर्व मनाया गया। दिगम्बर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के धर्म मंत्री मुकेश गांधी ने बताया कि शिविर मेंसैकड़ों लोगों ने भाग लिया जो कि श्वेत वस्त्र धारण किए हुए थे। शिविरार्थी सुबह 6 बजे गुरुकुल प्रांगण में पहुंच गए। तत्पश्चात गुरुदेव के सानिध्य में संगीतमय माहौल में गुरुदेव द्वारा शिविरार्थियों को धार्मिक पूजा अर्चना एवं शांति धारा करवाई गई। समाज के उपाध्यक्ष धनपाल भवारा ने बताया कि आज के भरत चक्रवती बनने का सौभाग्य आभा-सतीश भानावत परिवार को प्राप्त हुआ।

शांति धारा का लाभ सुंदर लाल किकावत परिवार को प्राप्त हुआ। साथ ही सायकॉल की आरती का लाभ जीवंधर जी किकावत परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव ने कहा कि मूल पाप नशनम शिविर की कक्षा ठीक 4 बजे शुरू होगी और उपवास एवं एकाशन करने वाले श्रावकों को आशीर्वाद दिया।साथ ही शिविरार्थियों को 10 दिनों तक रात्रि भोजन, चारों तरह के आहार का त्याग रखने को कहा।

सभी को आहार में चौके में भोजन बनाते वक्त श्वेत वस्त्र धारण करने का भी नियम दिया। गुरुदेव ने कहा कि हमें गर्व के साथ कहना है कि पर्युषण पर्व में हमारी आत्मा की साधना चल रही है। अपने नियम साधना के प्रति स्वयं को ईमानदारी रखनी है। घर में जाएं तो ऐसे जाएं जैसे मुनिराज आहार करने घर पर आते हैं। ज्यादा से ज्यादा समय मंदिर और गुरुओं के चरणों में माला, त्याग ,तपस्या में बिताएं। अपना अनुशासन स्वयं बनाएं।

पुरानी आदतों को बदलने का प्रयास करें। पुरानी आदतों में जिंदगी बर्बाद मत करो। नई आदत सीखें। आज से धार्मिक आदत से जीवन को बदलना है। क्रोध से किसी को जवाब नहीं देना है।

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