भक्तामर आराधना, हवन के साथ श्रीफल जैन न्यूज के कार्यालय का उद्घाटन साधारण समारोह में 7 सितंबर शुभ मुहूर्त में अपराह्न 11:45 किया गया। कार्यालय रंग महल, दूसरी मंजिल पर बनाया गया। कार्यालय से वेब साइट shreephaljainnews.com श्रीफल पत्रिका, यूट्यूब चैनल @shreephaljainnews334, @shreephalnes का संचालन किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। भक्तामर आराधना, हवन के साथ श्रीफल जैन न्यूज के कार्यालय का उद्घाटन साधारण समारोह में 7 सितंबर शुभ मुहूर्त में अपराह्न 11:45 किया गया। कार्यालय रंग महल, दूसरी मंजिल पर बनाया गया।
कार्यालय से वेब साइट shreephaljainnews.com श्रीफल पत्रिका, यूट्यूब चैनल @shreephaljainnews334, @shreephalnes का संचालन किया जाएगा। रेखा संजय जैन कार्यालय का संचालन करेंगी, वही श्रीफल जैन न्यूज की संपादक भी हैं।
भविष्य में इसी कार्यालय से धार्मिक ऑनलाइन कक्षा का भी संचालन किया जाएगा। श्रीफल मीडिया हाउस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालन किया जाएगा। उद्घाटन नरेंद्र- शकुंतला वेद, इंदरजी सेठी, टी.के वेद, कैलाश वेद शुद्धिकरण कमलेश-टीना जैन, नैना, रितेश-पिंकी कासलीवाल, विनोद-शोभा नंबर वन नमकीन, संजय पापड़ीवाल ने किया।
दीप प्रज्वलन आनंद कासलीवाल, तल्लीन बड़जात्या, प्रदीप बड़जात्या, कमल रावका, प्रदीप जैन, गिरीश अन्नू वेद, पवन संगीता पाटोदी ने किया। कलश स्थापना नरेंद्र शकुंतला वेद, टी.के.जी वेद, इंदर सेठी, कैलाश वेद, नमीष जैन ने किया।

रेखा जैन और शकुंतला वेद, प्रदीप जैन ने बनाया। पुष्प क्षेपण उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में इंदौर जैन समाज के हंसमुख गांधी, डी. के जैन, अनुराग वेद, कैलाश लुहाडिया, शकुंतला जैन, वीरेंद्र बड़जात्या, जैनेश झांझरी, मनीष अजमेरा, संजय जैन,पिंकेश टोंग्या, राजेश जैन, पवन मोदी, संजय जैन, गुंजन ट्विंकल पाटोदी उपस्थित थे।
जैन संस्कृति और जैनत्व के मूल्यों को बनाए रखने का मुनि श्री का प्रयास है श्रीफल पत्रिका
आधुनिक युग की भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में हम कहीं हमारी संस्कृति, जैनत्व के महत्व और मूल्यों को भूलते जा रहे हैं। श्रीफल के माध्यम से हम इन्हीं सब बातों को आप तक पहुंचाने का एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं।
श्रीफल पत्रिका का प्रारंभ वर्ष 2005 में स्वस्ति श्री भट्टारक चारूकीर्ति महास्वामीजी की प्रेरणा से श्रवणबेलगोला से हुआ था। इसके बाद श्रीफल जैन न्यूज वेबसाइट का धीरे-धीरे विस्तार होते गया।
श्रीफल पत्रिका का प्रकाशन लंबे समय से बंद है लेकिन जल्द ही पुन: प्रारंभ होगा। वर्तमान में श्रीफल जैन न्यूज वेबसाइट के माध्यम से संस्कार और संस्कृति की जानकारी दी जा रही है।














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