परमपूज्य विज्ञान मति माताजी की शिष्या पवित्रमति माताजी, गरिमा मति करण माताजी का मंगल चातुर्मास नौगामा नगर में चल रहा है। माताजी के सानिध्य में आज प्रातः वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ नेमिनाथ व 1008 भगवान महावीर स्वामी समवशरणमंदिर सुखैदय तीर्थ नसियां जी में शांति धारा, अभिषेक हुआ। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट….
नौगामा। परमपूज्य विज्ञान मति माताजी की शिष्या पवित्रमति माताजी, गरिमा मति करण माताजी का मंगल चातुर्मास नौगामा नगर में चल रहा है। माताजी के सानिध्य में आज प्रातः वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ नेमिनाथ व 1008 भगवान महावीर स्वामी समवशरणमंदिर सुखैदय तीर्थ नसियां जी में शांति धारा, अभिषेक हुआ। अभिषेक के पश्चात माताजी द्वारा चातुर्मास पंडाल स्थल पर मंगल प्रवचन किया। प्रवचन में कहा कि हमें पाप से डरना है, पापी से नहीं पाप करोगे तो हमें जन्म-जन्म तक अपने कर्मों के फल भुगतना होगा। चाहे वर्तमान में भुगतना या अन्य पर्याय में इसलिए सदैव हमें अच्छे कर्म करने चाहिए।
अच्छे कर्म करने से वर्तमान भी सुधर जाएगा एवं अगला भव भी सुधर जाएगा। आज प्रवचन के बाद मध्य प्रदेश बामोर कला, इंदौर, माल्थोन, बागीदौरा आदि से पधारे हुए धर्म प्रेमी बंधुओं का चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन, राजेंद्र जैन, नरेश जैन, नवयुक मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी, कैलाश पंचोरी, जितेंद्र पंचोरी द्वारा पगड़ी पहनाकर दुपट्टा उड़ा कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर माताजी ने कहा कि पर्युषण महापर्व 8 तारीख से शुरू हो रहे हैं। हमें व्रत उपवास करना है। यहां नौगामा नगर में माताजी के सानिध्य में संस्कार शिविर का भी आयोजन 10 दिन तक रहेगा। प्रतिदिन शिविरार्थी को प्रातः 5:00 से सामायिक, शांति धारा प्रतिक्रमण गुरु भक्ति आरती आदि में सम्मिलित होना है।
पंडित रमेश चंद्र गांधी ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः आदिनाथ मंदिर समवशरण मंदिर सुखोदय तीर्थ में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद माता जी भैया जी के सानिध्य में विभिन्न पूजन वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरों के साथ होगी। पुरुष सफेद वस्त्रों एवं महिलाएं केसरिया वस्त्रों में पूजन करेगी। दोपहर को सरस्वती विधान एवं तत्वार्थ सूत्र का वाचन होगा। शाम को आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम, राशि दीदी का प्रवचन होगा।













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