श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर(लघु तीर्थ) मालवीय रोड रायपुर के जिनालय में पार्श्वनाथ वेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि होने के कारण विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है। श्रावक गणों ने सामूहिक रूप से एकत्रित होकर जिनालय की पार्श्वनाथ वेदी में 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को मंगलाष्टक का पाठ पढ़ कर पांडुकशिला में विराजमान किया। पढ़िए प्रणीत जैन की रिपोर्ट…
रायपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर(लघु तीर्थ) मालवीय रोड रायपुर के जिनालय में पार्श्वनाथ वेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि होने के कारण विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है। जिनालय के पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि प्रातः श्रावक गणों ने सामूहिक रूप से एकत्रित होकर जिनालय की पार्श्वनाथ वेदी में 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को मंगलाष्टक का पाठ पढ़ कर पांडुकशिला में विराजमान किया। प्रासुक जल से रजत कलशों से सभी ने भगवान का अभिषेक किया। तदोपरांत रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता शांति धारा की गई।
आज की रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रवीण जैन, दिनेश जैन,राजेश जैन मुजफ्फर नगर उत्तर प्रदेश वालों को प्राप्त हुआ। आज की शांति धारा का शुद्ध उच्चारण श्रेयश जैन बालू द्वारा किया गया। सभी ने अभिषेक शांतिधारा उपरांत सभी ने शांति नाथ भगवान की भक्तिभाव से संगीतमय आरती की तत्पश्चात सभी ने अष्ठ द्रव्यों से निर्मित अर्घ्य से आज देव शास्त्र गुरु का पूजन किया। भगवान शांतिनाथ के जयकारों पूरा जिनालय गुंजायमान हो गया।
अंत में विसर्जन पाठ पाठ पढ़कर सभी ने विसर्जन किया और महा अर्घ्य चढ़ाए। कार्यक्रम में विशेष रूप से श्रेयश जैन, प्रवीण जैन मामा जी, संजय जैन प्रेमी परिवार, सुजीत जैन, प्रणीत जैन, रवि जैन कुम्हारी, किशोर जैन,कुमुद जैन, राशू जैन उपस्थित थे।













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