मुनिश्री शिवानंद जी महाराज एवं प्रशमानंद जी महाराज का बड़े जैन मंदिर मुरैना में चातुर्मास होना सुनिश्चित हुआ है। पूज्य युगल मुनिराज इस समय बुंदेलखंड के टीकमगढ़ में विराजमान हैं। मुनिराजों ने टीकमगढ़ से मुरैना के लिए पद विहार प्रारंभ कर दिया है। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। इस वर्ष नगर के जैन मंदिर में युगल मुनिराजों का चातुर्मास होना निश्चित हो गया है। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा जैन मंदिर के अध्यक्ष प्राचार्य अनिल जैन एवं मंत्री विनोद जैन तार वाले द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के सुयोग्य शिष्य मुनिश्री शिवानंद जी महाराज एवं प्रशमानंद जी महाराज का बड़े जैन मंदिर मुरैना में चातुर्मास होना सुनिश्चित हुआ है। पूज्य युगल मुनिराज इस समय बुंदेलखंड के टीकमगढ़ में विराजमान हैं। मुनिराजों ने टीकमगढ़ से मुरैना के लिए पद विहार प्रारंभ कर दिया है। युगल मुनिराज बंधाजी, झांसी, दतिया, सोनागिर, डबरा, ग्वालियर पद विहार करते हुए मुरैना पहुचेगें ।
नगर मुरैना में 17 जुलाई को युगल मुनिराजों का भव्य मंगल प्रवेश होने की पूर्ण संभावना है। जैन ने बताया कि जैन मुनि बरसात के चार माह एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं। चातुर्मास के दौरान वे स्वयं तो आत्म साधना करते ही हैं साथ ही श्रावकों को भी आत्म साधना करने के लिए प्रेरित करते हैं। चातुर्मास के चार माह निरंतर धर्म एवम ज्ञान की गंगा प्रवाहित होगी। संभावना व्यक्त की जा रही है कि चातुर्मास हेतु रविवार 28 जुलाई को एक भव्य कार्यक्रम में मंगल कलश स्थापना होगी













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