आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका सौहार्दमति माताजी और आर्यिका विप्रभमति माताजी, नरीमन सिटी से महावीर जिनालय, संगम नगर पहुंची। संगम नगर जैन समाज ने भव्य आगवानी की। महिलाओं ने जगह-जगह माताजी का पाद प्रक्षालन भी किया। आर्यिका सौहार्दमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान महावीर का संदेश है , जियो और जीने दो। जैन समाज को संवेदनशील बनना है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका सौहार्दमति माताजी और आर्यिका विप्रभमति माताजी, नरीमन सिटी से महावीर जिनालय, संगम नगर पहुंची। संगम नगर जैन समाज ने भव्य आगवानी की। महिलाओं ने जगह-जगह माताजी का पाद प्रक्षालन भी किया। आर्यिका सौहार्दमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान महावीर का संदेश है , जियो और जीने दो। जैन समाज को संवेदनशील बनना है। पहाड़ के पास ऊंचाई है पर गहराई नहीं। सागर के पास गहराई है पर ऊंचाई नहीं , लेकिन साधु – साध्वियों के पास प्रेम की गहराई है तो ज्ञान की ऊंचाई भी है। ज्ञान की ऊंचाई, ज्ञान को सम्यक बनाती है और प्रेम की गहराई संवेदना को स्पंदनशील बनाती है। जैन समाज हृदय के दृष्टिकोण से सोचे, विचारों से, भाषा से परोपकार से संवेदनशील बने और ज्ञान की गहराई से सम्यक को प्राप्त करें। पूरे जैन समाज को हमारा आशीर्वाद है।

इन्हें प्राप्त हुआ सौभाग्य
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि आर्यिका सौहार्दमति माताजी को आहार करवाने का सौभाग्य श्याम लाल जैन, अनिल, सुनील जैन परिवार एवं विप्रभमति माताजी को आहार करवाने का सौभाग्य नवीन सिंघई परिवार को प्राप्त हुआ। मंगलवार को दोपहर में 3:00 बजे महिलाओं के 6 गुणों पर माताजी ने विशेष प्रवचन दिए । शाम 7:00 बजे आनंद यात्रा के पश्चात प्रश्न मंच का आयोजन भी किया गया। बुधवार को भी माताजी संगम नगर में ही विराजित रहेंगी। इस अवसर पर संगम नगर समाज के अध्यक्ष अजय जैन, मनोज जैन, सतीश जैन, कमलेश सिंघई, अमित जैन, प्रदीप गोधा, प्रेरणा दहाले, सोनाली जैन, विजया सेठी, पिंकी जैन सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।













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