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श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया गया  शिविर में रत्नकरण्डक श्रावकाचार, इष्टोपदेश, छह ढाला एवं बच्चों को बाल बोध का अध्ययन कराया जायेगा


आचार्य विद्यासागर महाराज की विनयांजलि एवं गुरू उपकार महामहोत्सव के अवसर पर 9 दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया गया। जिसका समापन 11 जून को श्रुत पंचमी पर होगा। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट ।


ललितपुर। आचार्य विद्यासागर महाराज की विनयांजलि एवं गुरू उपकार महामहोत्सव के अवसर पर आचार्य प्रवर समय सागर महाराज के मंगल आशीर्वाद और तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रवण मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज की मंगलमय प्रेरणा से दिगंबर जैन श्रवण संस्कृति संस्थान सांगानेर (जयपुर) राजस्थान के तत्वावधान में तालबेहट के पारसनाथ एवं वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को 9 दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया गया। सुबह वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में पारस भैया बीना एवं अनिकेत भैया रमगढ़ा और पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सौरभ भैया घुवारा एवं अर्चित भैया बड़ागांव ने मंत्रोच्चार के मध्य अभिषेक-शांतिधारा की क्रियाएँ संपन्न करायी।

भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजन विधान किया। धर्माबिलंबियों ने ध्वजारोहण के बाद आचार्य श्री के चित्र का अनावरण, जिनवाणी शास्त्र एवं ज्ञानदीप की स्थापना की गयी। चौधरी धर्मचंद्र मनोज कुमार जैन एवं अलका हितेंद्र पवैया ने मंगल कलश की स्थापना कर श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया। शिविर संयोजक डॉ. आलोक मोदी शास्त्री एवं पं. मुकेश शास्त्री ने बताया शिविर में रत्नकरण्डक श्रावकाचार, इष्टोपदेश, छह ढाला एवं बच्चों को बाल बोध का अध्ययन कराया जायेगा, जिसका समापन 11 जून 2024 श्रुत पंचमी को होगा। इस मौक़े पर मंदिर समिति, वीर सेवा दल, जैन युवा सेवा संघ, जैन मिलन, बहु मण्डल, महिला मण्डल, बालिका मण्डल।

एवं पाठशाला परिवार सहित सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन अनिल कुमार जैन ने किया। अंत में अहिंसा सेवा संगठन के संस्थापक विशाल जैन पवा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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