नगर निगम के अंतर्गत नयापुरा में लगभग 500 वर्ष प्राचीन पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर है। नगर निगम ने सड़क चौड़ी करने के लिए 30 मई, 2024 को मंदिर का बाहरी हिस्सा तोड़ दिया है, जिससे जैन समाज आहत और आक्रोशित है।
उज्जैन। नगर निगम के अंतर्गत नयापुरा में लगभग 500 वर्ष प्राचीन पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर है। नगर निगम ने सड़क चौड़ी करने के लिए 30 मई, 2024 को मंदिर का बाहरी हिस्सा तोड़ दिया है, जिससे जैन समाज आहत और आक्रोशित है। उज्जैन में 1987 में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज की ओर से किए गए स्मारकों के सर्वेक्षण में पाया गया था कि मंदिर एक विरासत स्मारक है और ऐसे स्मारकों की सूची में 106वें स्थान पर उल्लेख है। शहर के विकास के लिए मंदिर प्रशासन पहले ही नगर निगम को लगभग 200 वर्गफुट जमीन को सौंप चुका है। फिर भी सड़क को 10 फीट तक विस्तारित करने के नाम पर मंदिर का बाहरी हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया। मंदिर का निर्माण बिना किसी नींव के किया गया है।
बाहरी हिस्सा तोड़े जाने से श्रद्धालुओं को खतरा बढ़ गया है। ्रजैन समाज शहर को फायदा पहुंचाने वाले अभियान के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि विरासत स्मारकों को ध्वस्त करने के खिलाफ है। राज्यसभा सांसद का कहना है कि उज्जैन के जैन समाज ने उन्हें फोन पर मामले की जानकारी दी और उज्जैन नगर निगम की हठधर्मिता पर आक्रोश एवं दुख प्रकट किया। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत करवाते हुए नवीन जैन ने कहा कि जैन समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में हस्तक्षेप करें। उज्जैन नगर निगम को निर्देशित करें कि विरासत के साथ क्रूरता न करें। मंदिर का जो हिस्सा तोड़ा गया है, उसे यथावत निर्मित करें।













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