आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज नैतिकता, आदर्श एवं परम्परा लुप्त होती जा रही है। ऐसी विषम परिस्थितियों में आगम परम्परा एवं लुप्त होते संस्कारों की पुनर्स्थापना की पवित्र भावना लेकर परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद व निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, जयपुर, राजस्थान द्वारा भारतवर्ष एवं देश विदेश में जैन परम्परानुसार श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पढ़िए मोहित जैन की विशेष रिपोर्ट…
मुरैना । आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज नैतिकता, आदर्श एवं परम्परा लुप्त होती जा रही है। ऐसी विषम परिस्थितियों में आगम परम्परा एवं लुप्त होते संस्कारों की पुनर्स्थापना की पवित्र भावना लेकर परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद व निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, जयपुर, राजस्थान द्वारा भारतवर्ष एवं देश-विदेश में जैन परम्परानुसार श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्रीय प्रभारी पंडित नवनीत शास्त्री, मुरैना द्वारा बताया गया कि भारतवर्ष के साथ मुरैना में भी शिविर का आयोजन 19 मई से 26 मई तक किया जा रहा है। इसमें सभी वर्गों के समाज बंधु अपनी सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक वीरेन्द्र जैन नंदपुरा वालों ने बताया कि सुबह श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी।
शाम को आरती के पश्चात कक्षा प्रारंभ होंगी एवं शास्त्र सभा का आयोजन किया जाएगा। पावन सानिध्य क्षुल्लिका श्री 105 अक्षतमति माता जी एवं क्षुल्लिका श्री 105 क्षयोपशमति माता जी का रहेगा। निर्देशन बा.ब्र संजय भैया जी, बा.ब्र अनिता दीदी, बा.ब्र ललिता दीदी का रहेगा।













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