परम पूज्य 105 आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माताजी एवम् आर्यिका श्री विश्वयश मति जी का प्रथम बार बुंदेलखंड के सिद्ध क्षेत्र के लिए प्रभावना पूर्वक बिहार चल रहा है । वर्ष 2023 मुरादाबाद में चातुर्मास कर बुंदेलखंड यात्रा के लिए कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र से दर्शन पश्चात बेला, दमोह ,पथरिया सिद्धक्षेत्र ,नैनागिर, शाहगढ़ ,बड़ा मलहरा, द्रोण गिरी होते हुए माताजी ने सिद्ध क्षेत्र टीकमगढ़ मे आगमन किया ।पढि़ए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट ……….
गणनी परम पूज्य 105 आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माताजी एवम् आर्यिका श्री विश्वयश मति जी का प्रथम बार बुंदेलखंड के सिद्ध क्षेत्र के लिए प्रभावना पूर्वक बिहार चल रहा है । वर्ष 2023 मुरादाबाद में चातुर्मास कर बुंदेलखंड यात्रा के लिए कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र से दर्शन पश्चात बेला, दमोह ,पथरिया सिद्धक्षेत्र ,नैनागिर, शाहगढ़ ,बड़ा मलहरा, द्रोण गिरी होते हुए माताजी ने सिद्ध क्षेत्र टीकमगढ़ मे आगमन किया ।23 मार्च 1964 को जन्मी सुलोचना दीदी ने सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेद शिखर जी में आचार्य श्री सुमति सागर जी और विद्या भूषण आचार्य श्री सम्मति सागर जी से 26 मार्च 1994 को आर्यिका दीक्षा लेकर आर्यिका श्री सृष्टि भूषण जी नामकरण हुआ। 30 वर्ष के संयमी जीवन में 10 से अधिक राज्यों मे भ्रमण कर धर्म की प्रभावना की। सृष्टि संस्था के माध्यम से कैंसर मरीजों तथा अन्य बीमारियों के इलाज कराए जाते हैं।30 वर्ष के संयमी जीवन में 25000 से अधिक किलोमीटर का विहार किया है 29 सितंबर 2019 को विश्व प्रसिद्ध संस्था ने मानव रत्न अलंकरण से दिल्ली में विभूषित किया।













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