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श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान को लेकर पत्र - 7 : अपनी करुणा और वात्सल्य ऐसे ही बनाए रखें- कमलेश जैन


अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज एवं क्षुल्लक अनुश्रमण सागर महाराज के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन नव ग्रह ग्रेटर बाबा परिसर में 30 दिसंबर 2023 से 7 जनवरी तक श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार समारोह का आयोजन भी इसी कार्यक्रम में किया गया। आयोजन के बाद समाज के विभिन्न श्रेष्ठी जनों ने विधान की भव्यता को लेकर मुनि श्री को लिखा है। इसकी सातवीं कड़ी में पढ़िए कमलेश-टीना जैन के विचार…


अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चरणों में बारंबार नमोस्तु…

वात्सल्य मूर्ति गुरुदेव के सानिध्य में श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में सपरिवार पूजन व विधान की क्रियाओं को करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दो बड़े एवं 24 समवशरण की रचना इतनी अद्भुत व सुंदर बनी, ऐसा लगा कि मानो साक्षात जिनेन्द्र देव के समवशरण में बैठे हैं, जिसके साथ ही गणधर देव रूपी मुनि श्री पूज्यसागर जी की दिव्य देशना का लाभ हमें मिल रहा है। विधान के साथ ही जैन विद्वानों का सम्मान एवं श्रीफल स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार समारोह का आयोजन बहुत अच्छे से संपन्न हुआ। विधान में गुरुदेव की कृपा से मुझ जैसे छोटे से कार्यकर्ता को धार्मिक व सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ। सुबह जल्दी उठकर जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, विधान की पूजन से लेकर दोपहर में विधान पश्चात भोजन की व्यवस्थाओं तक मेरे सभी साथियों ने मुझे भरपूर सहयोग प्रदान किया। संपूर्ण विधान की रूपरेखा एवं अन्य व्यवस्थाओं में गुरुदेव का मार्गदर्शन हमें निरंतर मिलता रहा एवं इसके फलस्वरूप बहुत ही आनंद के साथ यह महत्त्वपूर्ण विधान संपन्न हुआ। मैं तो बस यही कहना चाहूंगा कि हे गुरुदेव आपकी करुणा और वात्सल्य मेरे परिवार एवं समाज पर ऐसे ही बनाए रखना, जिससे हम भी मोक्ष मार्ग पर गमन कर सकें क्योंकि बिना गुरु के आशीर्वाद कोई भी इस संसार सागर से पार नहीं पा सकता। कार्यक्रम में नरेन्द्र वेद और भरत जैन का जो सहयोग हमें मिला, वह भी अद्वितीय था। उनको भी हम नमन करते हैं । नरेन्द्र वेद का सम्मान जो गुरुजी द्वारा किया गया, वह भी अतुलनीय था।

मेरे गुरुदेव अंतर्मुखी श्री पूज्यसागर जी महाराज को शत-शत वंदन और नमन…

कमलेश – टीना जैन

इंदौर

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