गणाचार्य 108 आचार्यश्री विराग सागर जी महाराज ससंघ (31 पिच्छी पूज्य तपस्वी संत) के पावन चातुर्मास – 2023 की मंगल कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन पन्ना एवं सतना जिला का एकमात्र जैन तीर्थ स्थल अतिशय तीर्थक्षेत्र श्रेयांशगिरि में 3 जुलाई 2023 को दोपहर 2:00 से आयोजित होगाय़ पढ़िए राजेश रागी बकस्वाहा की रिपोर्ट…
श्रेयांशगिरि (पवई)। त्याग-तपस्या और साधना की साक्षात मूर्ति परम पूज्य गणाचार्य 108 आचार्यश्री विराग सागर जी महाराज ससंघ (31 पिच्छी पूज्य तपस्वी संत) के पावन चातुर्मास – 2023 की मंगल कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन पन्ना एवं सतना जिला का एकमात्र जैन तीर्थ स्थल अतिशय तीर्थक्षेत्र श्रेयांशगिरि में 3 जुलाई 2023 को दोपहर 2:00 से आयोजित होगा। पन्ना एवं सतना जिला श्रेयांशगिरि अंचल तथा सलेहा जैन समाज एवं जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिकों के हजारों की संख्या में आने की संभावना है। सांस्कृतिक एवं मंचीय कार्यक्रमों के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं कलश स्थापना के कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे , जिसमें समस्त श्रेयांशगिरि अंचल के श्रद्धालुजन, जनप्रतिनिधि, नगरवासी, ग्रामवासी आमंत्रित हैं। सलेहा नगर एवं श्रेयांशगिरि अंचल, पन्ना, सतना, समस्त जैन समाज एवं जनप्रतिनिधियों के विशेष अनुरोध और निवेदन पर गणाचार्य परम पूज्य 108 श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास अतिशय तीर्थक्षेत्र श्रेयांशगिरि में होने जा रहा है, जिसको लेकर जोर-शोर से तैयारियां की गई हैं। अतिथियों के लिए शुद्ध सात्विक भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है।

नैनागिरि से श्रेयांशगिरि तक विहार
आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज का विशाल संघ सिद्धक्षेत्र नैनागिरि व द्रोणगिरि तथा बड़ामलहरा से भीषण गर्मी में नंगे पैर पद विहार करते हुए पहुंचा है। इस भीषण गर्मी में प्रतिदिन 20 से 25 किलोमीटर चलते हुए श्रेयांशगिरि पहुंचे। श्रेयांशगिरि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष राजकुमार जैन, अजयगढ़ एवं महामंत्री अजित कुमार जैन पत्रकार पवई ने बताया कि जैन समाज सलेहा महिला मंडल, बालिका मंडल, युवा मंडल सहित समस्त श्रेयांशगिरि अंचल के जैन समाज एवं सभी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों के द्वारा 24 जून 2023 को भव्य अगवानी कराई गई थी।













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