चातुर्मास के लिए पधारे गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य विहर्षसागर जी महाराज चातुर्मास स्थापना से पूर्व नगर की विभिन्न कॉलोनियों धर्म प्रभावना एवं वहां स्थित दिगंबर जैन मंदिरों के दर्शन हेतु भ्रमण कर रहे हैं। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। नगर में चातुर्मास के लिए पधारे गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य विहर्षसागर जी महाराज चातुर्मास स्थापना से पूर्व नगर की विभिन्न कॉलोनियों धर्म प्रभावना एवं वहां स्थित दिगंबर जैन मंदिरों के दर्शन हेतु भ्रमण कर रहे हैं। इसी क्रम में आचार्य श्री ने रिमझिम फुहारों के बीच इंद्रलोक कॉलोनी से शोभायात्रा के साथ नेमीनगर जैन कॉलोनी में मंगल प्रवेश किया। शोभायात्रा में महिलाएं मंगल गीत गाते हुए एवं पुरुष उमंग और उत्साह के साथ झूमते एवं जयकारा लगाते हुए पैदल चल रहे थे। शोभायात्रा के नेमीनगर पहुंचने पर आचार्य श्री के आशीर्वचन हुए। इसके पूर्व नेमीनगर जैन समाज के इंदर सेठी, कैलाश लुहाडिया, संदीप गंगवाल,संजय कासलीवाल, प्रदीप गंगवाल, राजकुमार पाटोदी, राकेश विनायका, हंसमुख गांधी, प्रदीप बड़जात्या, कमल रावका, राजेश खाकरोडवाला, राजेन्द्र सोनी आदि गणमान्य जनों ने आचार्यश्री को श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

आचार्य श्री शाम को नेमीनगर से विहार कर कालानीनगर पहुंचे और वहां से शोभायात्रा के साथ अंजनीनगर पहुंचकर रात्रि विश्राम किया। रविवार को आचार्य श्री के सानिध्य में जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस के उपलक्ष्य में प्रातः 7:30 बजे अंजनी नगर दिगंबर जैन मंदिर में नित्य नियम, अभिषेक पूजन के पश्चात 22 किलो का निर्वाण लाडू भक्ति भाव के साथ नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा के समक्ष चढ़ाया गया।।













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