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मुनियों के सान्निध्य में कलश स्थापना व ध्वजारोहण होगा : कुशलगढ़ में पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 21 से


कुशलगढ़। श्री दिगंबर जैन समस्त पंच दशा हुमड़ बीसपंथी समाज की ओर से नगर के अतिशययुक्त जूना मंदिर पार्श्वनाथ का तीन दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव और विश्व शांति महायज्ञ 21 से 23 जून तक किया जाएगा। समाज में मंदिर के नव निर्माण का भाव होने से बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। इस जूना मंदिर में पार्श्वनाथ भगवान के साथ-साथ महावीर स्वामी, बाहुबली भगवान की प्रतिमाओं को मूलनायक स्थल पर विराजमान करने लिए चतुर्थ पट्टाधीश प्राकृताचार्य सुनील सागरजी के शिष्य मुनि शुभसागरजी व मुनि सूक्ष्म सागरजी के सानिध्य में 21 से 23 जून तक प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल होंगे।


होगा सांस्कृतिक समारोह

अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ व मंत्री हंसमुखलाल सेठ ने बताया कि इस महोत्सव में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य पंकज कुमार जयंतीलाल सेठ परिवार, भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य सेठ हंसमुखलाल शांतिलाल परिवार और कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य कोठारी विजयलाल को प्राप्त होगा।

निकाली जाएगी शोभायात्रा

शनिवार को सभी पात्रों की मेहंदी लगाई गई। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। महिलाओं ने घूमर नृत्य किया और बालिकाओं ने सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। शनिवार को चयनित पात्रों का हल्दी कार्यक्रम रखा गया। 20 जून को चयनित सभी पात्रों और इंद्रों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। 21 जून को ध्वजारोहण, गर्भ कल्याणक होगा। सुबह 6 बजे से मंदिर जी में अर्घ्य समर्पण, देव आज्ञा के बाद घटयात्रा निकाली जाएगी। 22 जून को अभिषेक, शांतिधारा, जन्मकल्याणक सहित अनेक कार्यक्रम होंगे। शाम को आरती और सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। 23 जून को मोक्षकल्याणक मनाया जाएगा।

यहां होगा कार्यक्रम

प्रतिष्ठा कार्यक्रम स्थल वाराणसी नगरी नवकार गार्डन एंड रिसोर्ट, कुशलगढ़ होगा। जन्माभिषेक जैन नसियां में होगा। मंच कलाकार महेंद्र जैन भगवा धार्मिक प्रस्तुतियां देंगे।

मंदिर का इतिहास

कुशलगढ़ के सबसे प्राचीन अतिशयकारी श्री जूना मंदिर की मूलनायक प्रतिमा 19 नवंबर 1977 को वसूनी गांव में भूगर्भ से खुदाई में प्राप्त हुई जो राजस्व मंडल के निर्णय अनुसार जिलाधीश बासवाड़ा ने जैन समाज के अध्यक्ष सेठ नथमल मूलचंद को 1980 में सुपुर्द की थी। इसके बाद आचार्य सन्मति सागरजी महाराज,आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में 19 से 23 जून 1988 को भव्य पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ था।

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