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जैन धर्मशाला में किया भक्तों को संबोधित : भीषण तेज गर्मी में जैन मुनि विनय सागर महाराज पदविहार कर पधारे अंबाह 


तेज गर्मी में भी जैन मुनि विनय सागर महाराज, कंचन सागर महाराज पदविहार करते हुए भिंड से सिहोनियां अतिशय क्षेत्र के दर्शन करते हुए अल्प समय के लिए अंबाह पधारे। इनका शुक्रवार को सुबह 7.30 बजे जग्गा चौराहा पर जैन समाज, सिहोनियां अतिशय क्षेत्र कमेटी, जैन युवा मित्र मण्डल, युवा यात्रा समिति, महिला मंडल और समस्त मंडलों द्वारा आगवानी की गई। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


अंबाह। भीषण तेज गर्मी में भी जैन मुनि विनय सागर महाराज, कंचन सागर महाराज पदविहार करते हुए भिंड से सिहोनियां अतिशय क्षेत्र के दर्शन करते हुए अल्प समय के लिए अंबाह पधारे। इनका शुक्रवार को सुबह 7.30 बजे जग्गा चौराहा पर जैन समाज, सिहोनियां अतिशय क्षेत्र कमेटी, जैन युवा मित्र मण्डल, युवा यात्रा समिति, महिला मंडल और समस्त मंडलों द्वारा आगवानी की गई। आकाश जैन सर्राफ की सारे प्रोग्राम में विशेष भूमिका रही।

मंच का संचालन मितुल शाहबजाज द्वारा किया गया । मुनि विनय सागर महाराज ने प्रवचन के माध्यम से जैन धर्मशाला में संबोधित करते हुए कहा कि रोग और द्वेष से उत्पन्न क्रोध, मान, माया और लोभ ये चार कषाय हैं, जो भाव और विचारों को उत्तेजित कर देते हैं। इसका प्रभाव मनुष्य के मन-मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र, ज्ञानवाही, स्नायुमण्डल आदि पर पड़ता है। सौरभ जैन वरेह वालों ने जानकारी दी कि महाराज श्री के प्रवचन सुबह 8 बजे जैन धर्मशाला अंबाह में होंगे। शाम को 7बजे सांस्कृतिक प्रोग्राम होंगे।

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