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प्रसिद्ध जैन तीर्थ बंधा जी में तीन हजार पूर्णमासी कलश स्थापित: 15,000 से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल


बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनि राज के शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज पांच मुनि राजों के साथ बंधा जी में विराजमान है। उनके ही सानिध्य में हर माह पूर्णमासी कलश स्थापना का कार्य पिछले 3 माह से चल रहा है। हजारों लोग पूर्णमासी कलश स्थापना कर अपने मन की भावनाओं को पूर्ण कर रहे हैं। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


बंधाजी। बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनि राज के शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज पांच मुनि राजों के साथ बंधा जी में विराजमान है। उनके ही सानिध्य में हर माह पूर्णमासी कलश स्थापना का कार्य पिछले 3 माह से चल रहा है। हजारों लोग पूर्णमासी कलश स्थापना कर अपने मन की भावनाओं को पूर्ण कर रहे हैं। यह पूर्णमासी कलश रिद्धि सिद्धि से युक्त मनवांछित फल देने वाले हैं।

12 पूर्णमासी कलश स्थापित 

दिल्ली के श्रद्धालु द्वारा 17 पूर्णमासी कलश स्थापित किए गए। अमरीका, कनाडा, इंग्लैंड सहित कई देश के लोगों द्वारा बंधा जी में कलश स्थापित किए। दिल्ली सहित देश के अनेक नगरों के लोगों द्वारा बंधा जी में बनने वाले सहस्त्र कूट जिनालय में प्रतिमा विराजमान करने की स्वीकृति प्रदान की। शनिवार को देश के अनेक हिस्सों से हजारों लोग को बंधा जी पहुंचे। रविवार को सुबह आठ बजे से मुनि श्री विनम्र सागर के मंगल सानिध्य में श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न हुई। मुनि श्री के मुखारविंद से अजितनाथ भगवान की शांति धारा संपन्न हुई।

हजारों लोग पूर्णमासी कलश के माध्यम से कर रहे कष्टों का निवारण 

मुनि श्री ने अपने प्रवचनों के माध्यम से विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सन 2018 मे आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के साथ प्रथम बार मेरा बंधा जी की धरा पर आगमन हुआ था। पहली बार अजितनाथ भगवान के दर्शन का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ था। मुनि श्री ने कहा कि विगत ढाई माह से अजितनाथ भगवान के चरणों में साधना करने का अवसर मिल रहा है। मुनि श्री ने कहा कि बंधा जी में विराजमान अजितनाथ भगवान की प्रतिमा हजारों वर्ष प्राचीन है। आचार्य श्री कहते हैं देश में दो प्रतिमाएं ऐसी हैं जो मुंह बोलती हैं। एक कुंडलपुर के बड़े बाबा की एवं दूसरी बंधा जी में विराजमान अजितनाथ भगवान की। मुनि श्री विनम्र सागर महाराज ने कहा कि बंधा जी में पूर्णमासी कलश के माध्यम से देश दुनिया के हजारों लोग शामिल होकर अपने कष्टों का निवारण कर रहे हैं। अजितनाथ की कृपा से मनवांछित फल पाकर अपने जीवन को सुखी बना रहे हैं।

बड़ी संख्या में लोग बने कलश स्थापना के साक्षी 

प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि मुनि संघ के मंगल सानिध्य में 4 जून दिन रविवार ज्येष्ठ शुक्ला पूर्णिमा के दिन लगभग 3000 कलश स्थापित किए गए। कलश स्थापना का कार्यक्रम सुबह नौ बजे से शुरू हुआ एवं दोपहर तीन से पांच बजे तक कलश स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ। रविवार को लगभग 15000 से अधिक लोग कलश स्थापना के साक्षी बने। कलशो की समस्त क्रियाएं एवं कार्यक्रम का संचालन अशोक भैया लिधौरा एवं दीपक भैया टेहरका द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कमेटी की ओर से निर्देशक अनोज जैन, राजेंद्र मोदी, कमलेश जैन, बल्ले जैन, महेंद्र जैन डीके जैन ,महेश चौधरी, विमल जैन ,कमलेश चौधरी ,अजित जैन , महेंद्र जैन एवं मुनि सेवा संघ के अनेक नवयुवक शामिल रहे।

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