संस्कार प्रणेता आचार्य श्री सौरभसागर जी महाराज ससंघ का मोती कटरा स्थित श्री संभवनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से मंगल विहार करते हुए श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर सेठ बिहारीलाल जी की धर्मशाला, गुदड़ी मसूर खां की पावन धरा पर 16 मई को प्रात:काल की बेला में मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…
आगरा। संस्कार प्रणेता आचार्य श्री सौरभसागर जी महाराज ससंघ का मोती कटरा स्थित श्री संभवनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से मंगल विहार करते हुए श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर सेठ बिहारीलाल जी की धर्मशाला, गुदड़ी मसूर खां की पावन धरा पर 16 मई को प्रात:काल की बेला में मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री ससंघ प्रथम बार भव्य शोभायात्रा के साथ पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय गुरुभक्तों ने आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर भव्य अगवानी की। इस अवसर पर गुदड़ी मसूर खां सकल जैन समाज ने आचार्यश्री सौरभ सागर जी महाराज को श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंगल प्रवेश के उपरांत आचार्यश्री ने मंदिर में विराजमान मूलनायक श्री शीतलनाथ भगवान की अति प्राचीन प्रतिमा के दर्शन किए। इस अवसर पर भक्तों को आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज की मंगल वाणी श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आचार्य श्री सौरभसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में 17 मई को श्री सम्मेद शिखर जी विधान का आयोजन श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मसूर खां में प्रातः 8:00 बजे से किया जाएगा। इस अवसर पर सुभाष जैन, वीरेंद्र जैन, राजेंद्र जैन, सुरेश जैन, जितेंद्र जैन, राकेश जैन पार्षद, अभिषेक जैन, शुभम जैन, सुशीला जैन, शशि जैन, सुनीता जैन, बिट्टू जैन, पूनम जैन सहित समस्त गुदड़ी मसूर खां की सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।













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