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गुरुदेव के बताए मार्ग को आत्मसात करने का लिया प्रण : परोपकार सम्राट ऋषभचंद्र सूरीश्वर का द्वितीय पुण्योत्सव मनाया गया


सूरिमंत्र साधक प. पु. आचार्य देवेश श्रीमद विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वर जी महाराज का द्वितीय वार्षिक पुण्योत्सव बीते 14 मई को मनाया गया। इस अवसर पर नागदा श्री संघ में परम पूज्य आचार्य देवचंद्रसागरजी, मुनि श्री उदयरत्न सागरजी, मुनि श्री उत्तमरत्नसागरजी सहित अनेक साधु-साध्वियों का सानिध्य रहा। कार्यक्रम में गुरुदेव के जीव दया के कार्यों को याद किया गया। पढ़िए डॉ. विपिन वागरेचा एवं ब्रजेश बोहरा की यह विशेष रिपोर्ट… 


नागदा। परोपकार सम्राट जीवदया प्रतिपालक सूरिमंत्र साधक प. पु. आचार्य देवेश श्रीमद विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वर जी महाराज का द्वितीय वार्षिक पुण्योत्सव बीते 14 मई को मनाया गया। इस अवसर पर नागदा श्री संघ में परम पूज्य आचार्य देवचंद्रसागरजी, मुनि श्री उदयरत्न सागरजी, मुनि श्री उत्तमरत्नसागरजी सहित अनेक साधु-साध्वियों का सानिध्य रहा। कार्यक्रम में उन्हीं के बताए मार्ग को आत्मसात करते हुए जीवदया एवं मानव सेवा के कार्यों को किया गया। सर्वप्रथम गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण संघ अध्य्क्ष राजेश धाकड़, विधायक दिलीप सिंह गुर्जर, सांसद प्रतिनिधि प्रकाश जैन, भंवरलाल बोहरा, सुनील कोठारी, संघ सचिव मनीष सालेचा व्होरा, सुरेंद्र कांकरिया, अभय चोपड़ा, वीरेंद्र सकलेचा, सुनील वागरेचा, सुरेंद्र कोलन, हेमंत कांकरिया, धनसुख गेलड़ा, दिलीप गांधी, हर्षित नागदा द्वारा किया गया और गुरुदेव के द्वारा नगर में दी गई सौगातों पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात उपस्थित समाजजनों द्वारा गुरुदेव को पुष्प अर्पण कर वासक्षेप पूजन किया गया। गोपाल गोशाला स्थित मूक पशुओं को चारा-लापसी खिलाई गई। दोपहर में दीन-दुखियों का भोजन अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र में करवाया गया।

उदारमना थे गुरुदेव

कार्यक्रम में सानिध्य प्रदान करने हेतु पधारे आचार्य भगवंत द्वारा धर्म सभा को संबोधित कर गुरुदेव के जीवनकाल पर प्रकाश डालकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अन्य वक्ताओं ने भी उद्बोधन में बताया कि पूज्य गुरुदेव बहुत उदारमना थे। जीवदया और मानवसेवा उनका एक मात्र लक्ष्य था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने मोहनखेड़ा तीर्थ में विशालकाय गोशाला का निर्माण किया।

कोरोनाकाल में की थी मानवसेवा

कोरोनाकाल में भी वह मानवसेवा के लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। गुरुदेव उस समय भी मानव सेवा में लिप्त रहे, जब परिवार के लोग स्वयं एक-दूसरे से अछूते थे। उस विकट परिस्थितियों में गुरुदेव द्वारा एक हास्पिटल का तुरंत संचालन कर कोरोना के मरीजों का उपचार किया गया। समाज का कोई परिवार दुखी ना रहे, इस हेतु एक फंड की व्यस्था मोहनखेड़ा पेड़ी से करवाई गई। जिससे समाज के कई परिवारों को आर्थिक सहायता मिली। नागदा स्थित गोशाला में भी एक विशालकाय शेड गायों के लिए गुरुभक्तों को प्रेरणा देकर करवाया। समाज के लिए आपकी प्रेरणा से सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला का निर्माण प्रगति पर है। कार्यक्रम का संचालन मनोज वागरेचा द्वारा किया गया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में पारस पोखरना, कैलाश कांकरिया, राकेश ओरा, अमृतलाल आंचलिया, पंकज कोलन,जीवनलाल जैन, पुखराज व्होरा, राजेश गेलड़ा, प्रदीप शाह, मनोज ओरा, प्रमोद कोठारी, आशीष जैन, भावेश बुरड़, शैलेन्द्र छोरिया, कल्पेश भंसाली, नवनीत बोहरा, निर्मल छोरिया, आयुष कोलन, लालचंद कोठारी आदि मौजूद थे। समस्त कार्यक्रम का आयोन श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्री संघ नागदा के तत्वावधान में किया गया।

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