जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी के समाधि मरण के बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए सात अप्रेल से श्रीमठ मंदिर में विशेष पूजा होगा। यह कार्यक्रम तीन दिन चलेगा। इसमें सभी भट्टारक महास्वामीजी का सानिध्य रहेगा।
श्रवणबेलगोला। जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी के समाधि मरण के बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए सात अप्रेल को प्रातः 8:00 बजे से श्रीमठ मंदिर में विशेष पूजा होगा। इस अवसर पर भगवान श्री श्री श्री 1008 चंद्रप्रभु तीर्थकर का पंचामृत अभिषेक और यक्षी श्री कूष्मांडिनी माता की षोडशोपचार पूजा होगी। इसके बादा प्रातः 10 बजे कर्मदहन विधान होगा।
शनिवार प्रातः 8-00 बजे से जैन मठ मंंदिर में मः श्रीश्रीश्री 1008 चंद्रप्रभु तीर्थंकर की 504 कलशों से महाभिषेक पूजा होगी। इसके बाद प्रातः 11-00 बजे से विनयांजली कार्यक्रम होगा। वहीं नौ अप्रेल को प्रातः 8:00 बजे से श्री विंध्यगिरी के भगवान श्रीश्रीश्री बाहुबली स्वामी की विशेष पादपूजा होगी। कार्यक्रम में परमपूज्य स्वस्तिश्री समस्त भट्टारक महास्वामीजी का सानिध्य रहेगा।वहीं नौ अप्रेल को प्रातः 8:00 बजे समस्त जैन मठ तथा सभी जैन मंदिरों में पूज्यश्री स्वामीजी के आत्मशांति हेतु विशेष पूजा कराई जाएगी।













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