अंबाह प्रवास के दौरान श्री सृष्टि भूषण माताजी के अवतरण दिवस पर मैत्री वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने माताजी से मंगल आशीर्वाद लिया। माता जी अपना अवतरण दिवस नही मनातीं, उनके भक्त मनाते हैं। पढ़िए सौरभ जैन की विशेष रिपोर्ट…
अंबाह। अंबाह नगर में जगत कल्याण विश्व शांति की कामना के लिए आयोजित श्री सर्वतोभद्र महामंडल विधान का आयोजन आर्यिका रत्न 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी, आर्यिका श्री विश्वयस मती माताजी, श्री पूजा भूषण माताजी एवं भक्ति भूषण माताजी के सानिध्य में किया जा रहा है। अंबाह प्रवास के दौरान श्री सृष्टि भूषण माताजी के अवतरण दिवस पर मैत्री वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने माताजी से मंगल आशीर्वाद लिया। माता जी अपना अवतरण दिवस नही मनातीं, उनके भक्त मनाते हैं।
साध्वी श्री सृष्टि भूषण माताजी से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि हर इंसान का प्रथम कर्तव्य स्व:कल्याण के साथ साथ प्राणी की सेवा भी है। पहला धर्म भूखे को भोजन कराना है। गुरु मां ने अपने माध्यम से अपने सैकड़ों भक्तों को यही संदेश दिया है कि मेरा तो बस एक ही सपना भूख से न कोई तड़पे अपना, कहीं कोई बीमार न रहे। श्री आदि सृष्टि कैंसर ट्रस्ट की दीदी ने बताया मानव सेवा के साथ- साथ ये सभी कार्य भी, सबके सहयोग से निरन्तर चलते रहेंगे और समाज की एवं मानव जाति की सेवा में हम सभी अग्रसर रहेंगे।
ऐसी मंगल भावना करते हैं कि इस परिवार का हरेक सदस्य निरंतर सेवा करता है और करता रहेगा। माताजी पिछले कई दशकों से कैंसर पीड़ित व्यक्तियों, दिव्यांगजन, अनाथ बच्चों की शिक्षा एवं महिला रोजगार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक महा अभियान चला कर सृष्टि के मानव ग्रह भारतीय भू-वसुंधरा का संताप हरण कर रही हैं। आपके आशीर्वाद एवं निर्देशन में जगह-जगह निशुल्क भोजनालय खुलवाये गए, छात्रवृति, शिक्षण शिविर, संस्कार शिविर, पूजन विधान शिविर, वस्त्र वितरण, ट्राय साइकिल, बैसाखी, कानों की मशीनें, सिलाई मशीन, कम्बल निशुल्क दवाइयों के वितरण के साथ साथ-असहाय गरीब लड़कियों की शादी करवाना एवं बेरोजगार परिवारों को कार्य दिलवाने के कार्य भी किये जा रहे हैं।













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