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पंचकल्याणक महोत्सव : मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में दिखाया गया गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप 


नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव में शनिवार को प्रातः 6:30 मंगलाष्टक श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, नव देवता की पूजा के बाद याग मंडल विधान किया गया। पढ़िए राजीव सिंघई की विस्तृत रिपोर्ट…


टीकमगढ़। शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव शहर के ढोगा मैदान में शुक्रवार से प्रारंभ हो चुका है। शनिवार को प्रातः 6:30 मंगलाष्टक श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, नव देवता की पूजा के बाद याग मंडल विधान किया गया। शनिवार को पंचकल्याणक महोत्सव में गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप दिखाया गया। कार्यक्रम के मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि सुबह 8:30 बजे निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज मंच पर विराजमान हुए।

श्रीजी की शांति धारा एवं मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन शास्त्र भेंट एवं चित्र अनावरण का सौभाग्य नरेंद्र जैन एवं संजय जैन राजीव जैन को प्राप्त हुआ। मुनि श्री ने पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो हम कर सकते हैं, उसके बारे में सोचें। हम एक कदम चल सकते हैं तो एक कदम आगे बढ़ें। हमारी मंजिल एक कदम पास आ जाएगी। जैसे ही हमने एक कदम की प्रशंसा की, एक कदम के बाद हमारा प्रयास दूसरे कदम के लिए प्रारंभ हो जाता है। हमें जीवन में एक कदम आगे बढ़ने की अनुभूति करनी है। उसके ज्ञान का उपकार बताना है। उससे हमारी शक्ति जागृत होती है। मुनि श्री ने कहा कि भगवान कुछ नहीं करते, कुछ नहीं देते हैं।

भगवान के दर्शन करने से जो आनंद की भक्ति की अनुभूति होती है, वह हमारा जागरण कराती है। संसार सागर में आज तक व्यक्ति अपने आप में पूर्ण नहीं हो पाया। संसार में संपूर्णता कभी होती ही नहीं है। कुछ ना कुछ हमारे जीवन में अपूर्ण रहता है। कोई ना कोई कमी हमें रहेगी। जो अवधि ज्ञानी हैं, वे भी संपूर्णता को प्राप्त नहीं हो पाते हैं। जो सुख हमें भगवान के दर्शन करने मे मिलता है, संसार में कहीं नहीं है। यही पूर्णता है, यही संपूर्णता है। हमारे जीवन में पूर्णता की अनुभूति होना चाहिए, तभी हम संसार को पार कर सकते हैं।

कार्यक्रम के संयोजक बाबा नायक,कार्यकारी अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने बताया कि शनिवार को मुनि श्री के आहारदान का सौभाग्य संध्या प्रदीप भदौरा को प्राप्त हुआ। शाम 6:00 बजे जिज्ञासा समाधान का आयोजन प्रतिदिन किया जा रहा है। 7:00 बजे से महाआरती 8:00 से हो रही है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप दिखाया गया और गर्भ कल्याणक की पूर्व क्रियाओं का मंचन किया गया। कमेटी की ओर से लुइस चौधरी, विमल जैन, डीके जैन, गुलाब दाऊ आदि लोग शामिल रहे।

दिखाए जाएंगे 16 स्वप्न

रविवार को प्रातः 6:00 बजे मंगलाष्टक शांति मंत्र, नित्यम, अभिषेक, शांतिधारा, गर्भ कल्याणक पूजन होगा। इसके बाद 8:15 बजे मुनि श्री की मंगल देशना खिरेगी। दोपहर 1:00 बजे माता की गोद भराई, 3:00 बजे मंगल घट यात्रा, मंदिर शुद्धि, वेदी शुद्धि, शिखर शुद्धि आदि होंगे। रात्रि 8:00 गर्भ कल्याणक की उत्तर क्रियाओं में महाराजा नाभिराय का दरबार, लगेगा। माता मरूदेवी के सोलह स्वप्न आदि दिखाए जाएंगे।

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