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प्रवास : दान देने से मिलता है अनंत गुना पुण्य


सारांश

इंदौर मे चल रहे प्रवास के दौरान श्री विमल सागर जी महाराज, मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज, मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज धर्म प्रभावना कर रहे हैं। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…


इंदौर। राष्ट्रहित चिंतक आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज, मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज, मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज का प्रवास इंदौर में चल रहा है। इसके अंतर्गत प्रतिदिन मुनि श्री ससंघ मंदिर के दर्शनार्थ पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी मे तीन फरवरी को श्री शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर गोयल नगर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि प्रतिमा की महिमा अपरंपार है। गंदोधक की महिमा अपरंपार है।

मुफ्त में न कराएं शांतिधारा 

मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि शांति धारा मुफ्त में नहीं करनी चाहिए। जैसे डॉक्टर की फ़ीस निश्चित होती है। ऐसे ही शांति धारा होनी चाहिए।दान की महिमा गुरुओं के उपदेश से बताई जा रही है। दान के माध्यम से अपने जीवन को सुरक्षित तो रखते ही हैं, लोगों को प्रेरणा भी मिलती है, गुप्त दान से धर्म की प्रभावना नहीं होती। ख़रबूजे को देखकर ख़रबूा रंग बदलता है। लोग भी उसका अनुकरण करते हैं। एक व्यक्ति ने बताया था कि शांति धारा में एक लाख देने पर करोड़ों का फ़ायदा हुआ। दान देने से अनंत गुना पुण्य मिलता है। इससे पहले प्रातःकाल अभिषेक, शांति धारा संपन्न हुई। आचार्य श्री का पूजन हुआ और उन्हें शास्त्र अर्पण किया गया

होंगे कई कार्यक्रम

26 अप्रैल से 2 मई 2023 तक तुलसी नगर में पंचकल्याणक होंगे। इसके पूर्व 10 से 17 फरवरी तक सिद्धचक्र महामंडल विधान उदय नगर में होगा, फिर 24 फरवरी से 4 मार्च तक नसियां जी में सिद्धचक्र महामंडल विधान होगा।

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