सनावद.सन्मति जैन। भगवान महावीर स्वामी का निर्वाणोत्सव 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। प्रतिवर्ष जहां कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन हिन्दू धर्मावलंबी दीपावली पर्व मनाते हैं, वहीं जैन धर्म में भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस मनाया जाता है।

सन्मति काका ने बताया की जैन समाज में दीपावली पर महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस मनाया जाता है। इस साल तिथि घट-बढ़ की वजह से अमावस 24 अक्टूबर को दोपहर बाद लगेगी। महावीर स्वामी का मोक्ष कार्तिक अमावस के अंतिम प्रहर में हुआ था। शाम को गौतम गणधर को केवल ज्ञान मिला। इस कारण अमावस को सुबह भगवान को निर्वाण लड्डू अर्पित होगा। जैन धर्मावलंबी 25 अक्टूबर को सुबह महावीर स्वामी का 2549 वा मोक्ष कल्याणक मनाएंगे।
इसी क्रम में सर्वप्रथम प्रातः 5:30 से श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा होगी और सामूहिक पूजन के बाद प्रातः 7:00 बजे निर्वाण लाडू अर्पण होगा।
पार्श्वनाथ जिनालय(बड़ा मंदिरजी) में प्रातः 7:15 बजे निर्वाण लाडू अर्पण होगा वहीं सुपार्श्वनाथ मंदिर जी में प्रातः 7:30 बजे, आदिनाथ जिनालय (छोटे मंदिरजी) में निर्वाण लाडू चढ़ाया जावेगा। साथ ही श्रीमन्दर जिनालय व महावीर जिनालय में भी लाडू चढ़ाया जाएगा।
इसी क्रम में सनावद नगर के समीप पोदनपुरम व णमोकार धाम तीर्थ पर निर्वाण लाडू क्रमशः प्रातः 8:45 बजे व 9:00 बजे चढ़ाया जाएगा।












