सम्मेद शिखर जी@श्रीफल जैन न्यूज़ ब्यूरो। जैन जगत के मूर्धन्य विद्वान, जैन गजट, जैन मित्र आदि समाचार पत्रों के सम्पादक, दिगम्बर जैन महासभा और अनेक संस्थाओं के माध्यम से जैन समाज और मां सरस्वती की सेवा कर दीक्षा धारण करने वाले मुनि एकत्व सागर जी वियर 18 सितंबर को दोपहर 1:11अनन्तानन्त सिद्धो की भूमि शास्वत तीर्थ सम्मेदशिखर जी (मध्य लोक)में 100 से अधिक मुनि आर्यिकाओं के सानिध्य तथा मुनि श्री पूण्य सागर जी के मार्गदर्शन में समाधि साधना कर समाधि मरण को प्राप्त हुये।
मुनि एकत्व सागर जी गृहस्थ जीवन में पण्डित श्री भरत जी काला के नाम से जाने जाते थे। उन्होंने मोक्ष सप्तमी 4अगस्त 2022 को मुनि श्री पुण्य सागर जी से उत्कृष्ट व्रतों को ग्रहण कर क्षुल्लक दीक्षा, मुनि दीक्षा ग्रहण की थी और मुनि एकत्व सागर जी के रूप में मोक्ष पथ पर अग्रसर हुये थे।
आप आर्ष मार्ग के प्रमुख प्रहरी थे। आपने आर्षमार्गियो के साथ साथ विद्वानों को और सम्पूर्ण जैन जगत को श्रावक और मुनि दोनो ही रूप मे गौरवान्वित किया है।












