सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समतासागर जी महाराज ससंघ का ऐतिहासिक एवं भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा, धार्मिक अनुष्ठानों एवं बड़े बाबा के अभिषेक में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।
कुण्डलपुर (दमोह)। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र बड़े बाबा की नगरी एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की साधना स्थली कुण्डलपुर रविवार को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनी, जब आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण पूज्य मुनि श्री 108 समतासागर जी महाराज ससंघ का भव्य एवं ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूरे क्षेत्र में धर्म, भक्ति और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
ऐलक संघ एवं आर्यिका माताजी ने की मंगल अगवानी
कुण्डलपुर में पूर्व से विराजमान पूज्य ऐलक श्री चैत्यसागर जी महाराज ससंघ (6 पिच्छी) तथा आर्यिकारत्न श्री सौम्यनंदिनी माताजी एवं सुयोग्यनंदिनी माताजी ने निर्यापक मुनि संघ की भावपूर्ण अगवानी की। भव्य मंच पर संतों का मंगल मिलन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय दृश्य बन गया।
आकर्षण का केंद्र रही भव्य शोभायात्रा
प्रचार मंत्री जयकुमार जैन ‘जलज’ ने बताया कि पूरे मार्ग को रंगोली, तोरणद्वार, धर्मध्वज एवं धार्मिक पोस्टरों से सजाया गया था। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन, मंगल आरती एवं पुष्पवर्षा कर मुनि संघ का स्वागत किया।
शोभायात्रा में मुड़िया बैंड, महारानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में 8 अश्वारोही वीरांगनाएं, 14 बग्गियों पर सुसज्जित धर्मध्वज, जैन संस्कृति की आकर्षक झांकियां, देवरी अखाड़ा, बरेदी दल, ढिमरयाई, रमतूला दल, ग्वाल टीम पटेरा, दल-दल अश्व एवं विभिन्न सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
दमोह सहित हटा, पटेरा, बांदकपुर, बनवार, अभाना, नोहटा, जबेरा, सिंग्रामपुर, तेजगढ़, तेंदूखेड़ा, तारादेही, पथरिया, बांसा सहित अनेक नगरों के महिला मंडलों ने पारंपरिक वेशभूषा में धर्मध्वज एवं मंगल कलश के साथ शोभायात्रा में भाग लिया।
इसके अलावा उज्जैन, विदिशा, जबलपुर, भोपाल, कटनी, सतना, सागर, ग्वालियर, नीमच, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, आगरा, खंडवा, रतलाम, बाराबंकी, बहराइच, टिकैतनगर तथा देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता की।
बड़े बाबा के अभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न
मंगल प्रवेश से पूर्व प्रातःकाल भक्तामर विधान, बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, ऋद्धि कलश एवं पूजन-विधान सम्पन्न हुआ। प्रथम अभिषेक, शांतिधारा एवं ऋद्धि कलश का सौभाग्य अंकुर, आशु, सुबोध जैन (बड़ौत), हरिश्चंद्र दिवाकर, अतिशय जैन (ग्वालियर), सुमित-अंकित जैन (बहराइच), पदमचंद्र-राकेश जैन (केकड़ी), देवेंद्र-रविंद्र जैन (बाराबंकी), जयकुमार-मयंक सोगानी (भीलवाड़ा), विद्याराम-सनी जैन (आगरा), सिंघवी तरवरलाल (बांसवाड़ा), नरेंद्र जैन (आगरा), अभिषेक जैन (दमोह), दीर्घ-पीयूष जैन (खंडवा) सहित अनेक श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।
धार्मिक इतिहास में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय
कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी, चातुर्मास समिति, मुनि सेवा समिति, ब्रह्मचारी संघ, दयोदय केंद्र गौशाला, पूर्णायु, हथकरघा समूह एवं हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न यह मंगल अगवानी धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हो गई।













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