कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस श्रद्धापूर्वक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति एवं सर्वजन मंगल की कामना की गई। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड पर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुए।
भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा
प्रातःकाल कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। शांतिधारा का सौभाग्य लालचन्द, जितेन्द्र, नीरज, चिराग पहाड़िया परिवार, विनोद कुमार, सुमित कुमार, विपुल गंगवाल परिवार, सुरेश कुमार, मोहित गंगवाल परिवार तथा ओमप्रकाश, अमित कुमार, विकास एवं विपिन परिवार (डिमापुर वाले) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।
अष्टान्हिका पर्व का महत्व
चिरजलाल एवं तेजकुमार बड़जात्या ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार मनाया जाता है तथा इन अवसरों पर नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है। विधान पूजन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।
कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित
सुरेश पांड्या एवं माणकचंद काला ने बताया कि कलशाभिषेक के पश्चात देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, नंदीश्वर द्वीप पूजन तथा मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की पूजा सम्पन्न हुई। इसके उपरांत श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान में कर्म दहन के 256 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ समर्पित किए गए।
श्रद्धालुओं ने किया धर्मलाभ
विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा विश्व कल्याण, शांति और सद्भाव की मंगलकामना की।













Add Comment