अम्बाह नगर में आर्यिका रत्न श्री संगममति माताजी के पावन वर्षायोग के उपलक्ष्य में 28 जुलाई को जैन बगीची में भव्य वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित होगा। 19 जुलाई को भव्य अगवानी एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।
मुरैना/अम्बाह। जैनाचार्य श्री सिद्धांतसागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका रत्न श्री संगममति माताजी के पावन वर्षायोग की घोषणा से अम्बाह नगर में धार्मिक उत्साह का वातावरण है। वर्षायोग के अंतर्गत 28 जुलाई को जैन बगीची के विशाल प्रांगण में भव्य वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा।
19 जुलाई को होगी भव्य अगवानी
आयोजन समिति के अनुसार 19 जुलाई को प्रातः 8:00 बजे नगर के प्रवेश द्वार पर आर्यिका श्री संगममति माताजी ससंघ की भव्य अगवानी की जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा के साथ आर्यिका संघ का बड़े जैन मंदिर में मंगल प्रवेश कराया जाएगा।
28 जुलाई को मंगल कलश स्थापना
28 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे जैन बगीची अम्बाह के विशाल एवं भव्य प्रांगण में वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न होगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
वर्षायोग का धार्मिक महत्व
चातुर्मास अथवा वर्षायोग चार माह की साधना का विशेष काल होता है। इस अवधि में जैन मुनि, आर्यिकाएँ एवं उनका संघ एक ही स्थान पर रहकर तप, स्वाध्याय, ध्यान एवं धर्मप्रभावना करते हैं। वर्षा ऋतु में सूक्ष्म जीवों की रक्षा एवं अहिंसा के पालन की भावना से संत विहार नहीं करते।
ज्ञान, भक्ति और साधना का मिलेगा लाभ
आयोजन समिति के अनुसार वर्षायोग के दौरान पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, स्वाध्याय, प्रवचन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं को ज्ञान, भक्ति और साधना से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होगी।
समाज से सहभागिता की अपील
आयोजन समिति ने सभी समाजबंधुओं, माताओं एवं बहनों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनने का आग्रह किया है।













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