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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का जोबनेर भव्य मंगल प्रवेश : भव्य जुलूस में आचार्यश्री के जयकारों से गूंजा जोबनेर का वातावरण 


धर्मनगरी जोबनेर मंगलवार को उस समय धर्ममय वातावरण से गुंजायमान हो उठी जब आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 37 साधु-साध्वी ससंघ के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं श्रद्धाभाव से अगवानी कर दर्शन एवं वंदना का लाभ प्राप्त किया। जोबनेर से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की यह खबर…


जोबनेर। धर्मनगरी जोबनेर मंगलवार को उस समय धर्ममय वातावरण से गुंजायमान हो उठी जब आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 37 साधु-साध्वी ससंघ के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं श्रद्धाभाव से अगवानी कर दर्शन एवं वंदना का लाभ प्राप्त किया। आचार्य श्री ससंघ जोबनेर बाईपास से विहार कर जोबनेर पहुंचे। जोबनेर आगमन से पूर्व आचार्य श्री ने श्री कर्ण नरेंद्र विश्वविद्यालय का भी अवलोकन किया। इसके बाद भव्य जुलूस कस्बे के मुख्य मार्गों से होकर निकाला गया। जुलूस सर्वप्रथम श्री शांतिवीर जैन गुरुकुल पहुंचा, जहां धर्मसभा में आचार्य श्री ने कहा कि 1967 में गुरु के नाम पर इस विद्यालय की स्थापना की गई थी। जिसे आज भी सुचारु और और प्रमाणिकता के साथ समाज चला रहा है। यह प्रशंसनीय है। इसके पूर्व आर्यिका श्री विचक्षण मति जी एवं मुनिश्री प्रभव सागर जी ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का गुणानुवाद किया।

दीक्षा का अनूठा का संयोग 

जोबनेर का अद्भुत संयोग यह है कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दीक्षित 125 शिष्यों में सगे भाई, पति-पत्नी पिता, पत्नी, पिता-पुत्री, दादा-पोती सास-बहू, माता-पुत्री ने एक साथ अलग-अलग वर्षों में आचार्य श्री से दीक्षा ली। जोबनेर के दो सगे भाइयों श्री प्रभव सागर, श्री सहिष्णु सागर जी ने एक साथ 20 फरवरी 2015 को तथा पति-पत्नी मुनि श्री विशाल सागर जी ने क्षुल्लक और आर्यिका श्री विचक्षण मति माताजी ने एक साथ 29 अप्रैल 2015 को दीक्षा ली। यही नहीं इन दोनों की माता और सास ने भी अलग वर्षों में दीक्षा ली। यह पहली बार हुआ।

इन्होंने लिया पुण्यार्जन का लाभ 

धर्ममय वातावरण में चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन की बोली मानकचंद सुरेश बड़जात्या, पाद प्रक्षालन की बोली पं.महावीर प्रसाद संजय अजय बदजात्या एवं शास्त्र भेंट प्रवीण कुमार अंकेश कुमार ठोलिया ने ली। आसपास जयपुर, बड़ क ेबालाजी, रेनवाल, हिंगोनिया, बगरू, फुलेरा, साँभर, मारोठ, लुनवा, मंडा से समाजजनों ने श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। भव्य जुलूस के साथ पूज्य आचार्य श्री ससंघ का श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर जी में मंगल प्रवेश हुआ।

धार्मिक आयोजन होंगे

मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

आचार्य श्री के जोबनेर प्रवास को धर्म प्रभावना, आध्यात्मिक जागरण एवं समाज के लिए विशेष प्रेरणादायी अवसर माना जा रहा है। प्रवास अवधि में धर्मसभा, प्रवचन एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

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