श्री दिगंबर जैन महावीर पंचबालयती जिनालय में आयोजित छह दिवसीय द्वितीय जिनदेशना बाल एवं युवा संस्कार शिविर का रंगारंग समापन हो गया। शिविर में बाल एवं युवा वर्ग को अलग-अलग कक्षाओं के माध्यम से जैन दर्शन के मूलभूत सिद्धांतों और नैतिक संस्कारों की रोचक जानकारी दी गई। महरौनी से पढ़िए, यह खबर…
महरौनी (ललितपुर )। स्थानीय श्री दिगंबर जैन महावीर पंचबालयती जिनालय में आयोजित छह दिवसीय द्वितीय जिनदेशना बाल एवं युवा संस्कार शिविर का रंगारंग समापन हो गया। शिविर में बाल एवं युवा वर्ग को अलग-अलग कक्षाओं के माध्यम से जैन दर्शन के मूलभूत सिद्धांतों और नैतिक संस्कारों की रोचक जानकारी दी गई।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने नियमित पाठशाला और शिविरों की उपयोगिता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे ही समाज की असली धरोहर हैं। यदि उनमें संस्कार नहीं होंगे, तो समाज का उत्थान संभव नहीं है। बच्चों को संस्कारवान बनाना हम सभी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर जैन धर्म की प्रभावना को आगे बढ़ाएंगे। शिविर में पंच बालयती जिनालय के प्रेरणा स्रोत श्रद्धेय पंडित श्री रविंद्र जी श्आत्मनश् का विशेष मार्गदर्शन व प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
परीक्षा में बच्चों ने दिखाया उत्साह, मिला पुरस्कार
शिविर के अंतिम दिन परीक्षाओं का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 35 बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके बाद आयोजित समापन समारोह का शुभारंभ मैत्री जैन, नित्या जैन, जान्या जैन और शाश्वत आध्या जैन द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। समारोह के दौरान बच्चों ने श्छह लेश्याश् पर एक बेहद सारगर्भित और प्रेरणादायक नाटक की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
यह रहे परीक्षा के परिणाम
इसके उपरांत परीक्षा परिणाम घोषित कर मेधावियों को आकर्षक पुरस्कारों से नवाजा गया। प्रतियोगिता के श्बालबोध भाग-1श् में संयम जैन व दीपाली चंदेल ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं श्रुति जैन ने द्वितीय और सृष्टि जैन ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसी तरह श्बालबोध भाग-2श् में मैत्री जैन प्रथम, आर्जव जैन द्वितीय और सरस जैन व जान्या जैन संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। इस बार शिविर की खास बात यह रही कि इसमें जैनेतर बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संस्कारों के गुण सीखे।
समाज जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जैन समाज के गणमान्य श्रेष्ठीजन, जिनमें आनंद कुमार जैन सराफ दाऊ, ऋषभ सिंघई, पंकज जैन सिंघई, पवन जैन मेंगुवा, अनिल जैन सिलोनिया, राजेश जैन, कुलदीप जैन, अमित जैन (सभी शिक्षक), गौरव भायजी, पुष्पेंद्र कुमार जैन चौधरी बानपुर, कपूर चंद भायजी, राजकुमार सिंघई, सुरेश कुमार जैन मेंगुवा, कैलाश चंद चौधरी, विनय सिंघई, अनूप भायजी सहित बड़ी संख्या में साधर्मीजन एवं महिला मंडल की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट परिवार द्वारा किया गया। पूरे शिविर के दौरान सुरेश मंगुवा परिवार, कैलाश चंद्र चौधरी परिवार और रितेश जैन गुंदरापुर परिवार द्वारा बच्चों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम संयोजन आशीष कुमार चौधरी व सत्येंद्र जैन मैगुवा ने किया। ट्रस्ट के मंत्री कैलाशचंद्र चौधरी ने आभार व्यक्त किया। शिक्षण कार्य में विद्वान पंडित राजेंद्र कुमार जैन चंदावली (टीकमगढ़), पंडित हर्षित शास्त्री (भिंड) और शाश्वत लिपि जैन शास्त्री (महरौनी) का सराहनीय योगदान रहा।













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