मेडिकल एजुकेशन लीडरशिप अवार्ड मिलने के बाद टीएमयू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी बोले कि वह युवा पीढ़ी के लिए मेडिकल एजुकेशन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित हैं। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर…
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के लिए सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी ने एक बार फिर यूनिवर्सिटी को खुशियों की सौगात दी है। इस बार उन्हें जोक्टो की ओर से एक्सीलेंस इन मेडिकल एजुकेशन लीडरशिप अवॉर्ड 2026 से नवाजा गया है। उल्लेखनीय है कि ज़ोक्टो स्वास्थ्य सेवा की अनकही कहानियों को समर्पित एक मंच है, जो मेडिकल सेक्टर को आगे बढ़ाने वाले नवाचारों और सफलता की कहानियों पर प्रकाश डालता है। ऑनलाइन अवॉर्ड प्राप्ति पर प्रो. रस्तोगी बोले, यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, बल्कि इसका श्रेय आला प्रबंधन के संग-संग मार्गदर्शक, मेडिकल के स्टूडेंट्स, साथियों और परिवार को जाता है। साथ ही कहते हैं, इस अवॉर्ड से सम्मानित होना मेरे लिए गर्व की बात है। टीएमयू के चांसलर सुरेश जैन, जीवीसी मनीष जैन, ईडी अक्षत जैन के अलावा वीसी प्रो. वीके जैन, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. एनके सिंह आदि प्रो. राजुल रस्तोगी को बधाई देते हुए कहते हैं कि यह पुरस्कार टीएमयू के समर्पण का प्रतिफल है। प्रो. रस्तोगी को रेडियोलॉजी में 25 सालों का लंबा अनुभव है। वह 12 बरस से टीएमयू में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कई उपलब्धियां हैं प्रो. रस्तोगी के पास
प्रो. रस्तोगी 2024 में यूरोपियन कांग्रेस ऑफ रेडियोलॉजी- ईसीआर की ऑस्ट्रिया, इंटरनेशनल कांग्रेस ऑन एमआरआई- आईसीएमआरआई की साउथ कोरिया में इंटरनेशल कॉन्फ्रेंस के साथ आरआईसीओएन- 2025 की स्टेट कॉन्फ्रेंस, एशियन ओशियनियन कॉग्रेंस ऑफ रेडियोलॉजी- एओसीआर एवम् इंडियन रेडियोलॉजिकल इमेजिंग एसोसिएशन- आईआरआईए- 2025 की चेन्नई की नेशनल कॉन्फ्रेंस में अपने रिसर्च पेपर्स/व्याख्यान दे चुके हैं। प्रो. रस्तोगी के 220 पब्लिकेशन्स भी नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं। लगभग 838 से अधिक शोधार्थी इनका संदर्भ ले चुके हैं। इसके अलावा रेडियोलॉजी एंड दीगर सब्जेक्ट्स बुक्स पर प्रो.राजुल के करीब 15 टेक्सट बुक्स में करीब 50 चैप्टर्स भी प्रकाशित हैं। इंटरनेशनल स्तर के छह और नेशनल स्तर के करीब एक दर्जन से अधिक अवार्ड भी प्रो. रस्तोगी की झोली में शामिल हैं। प्रो. राजुल अब तक 20 देशों की विजिट कर चुके हैं। वह करीब 140 विभिन्न नेशनल और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में लगभग 210 से अधिक रिसर्च पेपर प्रस्तुत कर चुके हैं।













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