ललितपुर रोड स्थित दिगंबर जैन महावीर पंच बालयति जिनालय में द्वितीय ‘जिन देशना’ बाल एवं युवा संस्कार शिविर का शुभारंभ धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में संपन्न हुआ। छह दिवसीय इस ग्रीष्मकालीन जैन संस्कार शिविर का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में जैन धर्म के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा जीवन निर्माण में संस्कारों की महत्ता को स्थापित करना है। महरौनी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर…
महरौनी। ललितपुर रोड स्थित दिगंबर जैन महावीर पंच बालयति जिनालय में द्वितीय ‘जिन देशना’ बाल एवं युवा संस्कार शिविर का शुभारंभ धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में संपन्न हुआ। छह दिवसीय इस ग्रीष्मकालीन जैन संस्कार शिविर का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में जैन धर्म के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा जीवन निर्माण में संस्कारों की महत्ता को स्थापित करना है। जिन देशना’ द्वारा संचालित इस शिविर में बाहर से पधारे विद्वानों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को नैतिक मूल्यों, धार्मिक आचरण तथा आदर्श जीवन शैली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि “संस्कार रहित सुविधाएँ पतन का कारण बनती हैं, जबकि बचपन के संस्कार जीवन का वास्तविक श्रृंगार होते हैं।” इन्हीं उद्देश्यों को साकार करने हेतु शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण का सौभाग्य आनंद कुमार जैन सराफ दाऊ परिवार को प्राप्त हुआ। ध्वजारोहण की संपूर्ण मंगल विधि युवा एवं प्रौढ़ कक्षा हेतु पधारे प्रतिष्ठाचार्य पंडित राजेंद्र कुमार जैन, चंदावली (टीकमगढ़) द्वारा संपन्न कराई गई। कार्यक्रम का मंगलाचरण मैत्री जैन, नित्य जैन, जान्या जैन तथा शाश्वत आध्या जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात शिविर का उद्घाटन महरौनी जैन समाज के अध्यक्ष पवन मोदी, उपाध्यक्ष अंकित जैन, समाजसेवी आनंद जैन सराफ दाऊ, आनंद कुमार जैन (शिक्षक), राकेश जैन एडवोकेट, सोमचंद शास्त्री एवं कुलदीप जैन (शिक्षक) द्वारा सामूहिक रूप से किया गया।
युवा एवं प्रौढ़ वर्ग के लिए प्रतिदिन प्रातःकाल समयसार जी पर चर्चा
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का संस्था के ट्रस्टियों द्वारा अंगवस्त्र भेंटकर सम्मान किया गया। वहीं शिविर किट का विमोचन कैलाश चंद्र चौधरी परिवार द्वारा किया गया। शिविर में सहभागी बच्चों एवं युवाओं को उनकी आयु एवं कक्षा के अनुरूप आकर्षक एवं उपयोगी किट प्रदान की गईं। शिविर के अंतर्गत युवा एवं प्रौढ़ वर्ग के लिए प्रतिदिन प्रातःकाल समयसार जी पर चर्चा तथा रात्रि में ‘नाटक समयसार’ का अध्ययन एवं विमर्श किया जा रहा है। वहीं विभिन्न आयु वर्गों की बाल कक्षाएँ भिंड से पधारे हर्षित शास्त्री एवं शाश्वत लिपि शास्त्री द्वारा संचालित की जा रही हैं। आयोजकों ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन प्रतिभागियों को विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं के आधार पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही समापन अवसर पर आयोजित परीक्षा में सम्मिलित सभी बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। शिविर का सफल संयोजन आशीष चौधरी एवं सत्येंद्र जैन मेंगुवा द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, अभिभावक, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे।













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