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पॉजिटिव माइंडसेट सफलता की नींव है : टीएमयू में एल्युमिनाई टॉक सीरीज में स्टूडेंट्स से संवाद


टीएमयू के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी में एल्युमिनाई टॉक सीरीज़- संवाद किया गया। मुरादाबाद से प्रो. श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर…


मुरादाबाद। क्लाउड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कैलेंस सॉफ्टवेयर प्रा.लि., गुरुग्राम में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर एवं टीएमयू सीसीएसआईटी के एल्युमिनाई नितिन कुमार कश्यप ने फ्रेशर्स और कॉलेज छात्रों की ओर से जाने वाली गलतियां- मेरी यात्रा पर बोलते हुए कहा कि पॉजिटिव माइंडसेट और निरंतर अभ्यास ही सफलता का आधार हैं। आज के प्रतिस्पर्धी युग में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल ही सफलता की वास्तविक पहचान है। स्टूडेंट्स को दीर्घकालिक सफलता और संतोष ज्ञान और निरंतर सीखने से ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि समय प्रबंधन, आत्म-अनुशासन और सही नेटवर्किंग करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्टूडेंट्स अक्सर भय, आत्म-संदेह और तुलना की मानसिकता के कारण अपनी वास्तविक क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाते। नितिन कुमार तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी में एलुमनाई टॉक सीरीज़- संवाद में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। अंत में चले प्रश्नोत्तरी सत्र में करियर योजना, उद्योग की अपेक्षाएं, कौशल विकास, इंटर्नशिप सरीखे विषयों पर चर्चा हुई।

अहंकार मनुष्य की प्रगति में सबसे बड़ा अवरोध

इससे पूर्व फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी, मुख्य वक्ता नितिनकुमार कश्यप, डॉ. रूपल गुप्ता, एआरसी के सहायक निदेशक सिद्धार्थ माथुर, डॉ. प्रियांक सिंघल, इवेंट कॉ-ऑर्डिनेटर विनीत सक्सेना आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एफओई के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने जीवन में विनम्रता, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश दिया। रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि अहंकार मनुष्य की प्रगति में सबसे बड़ा अवरोध बन सकता है, जबकि विनम्रता और सकारात्मक सोच व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती है। डॉ. प्रियांक सिंघल बोले कि एल्युमिनाई और वर्तमान स्टूडेंट्स के बीच संवाद एक ऐसा मंच है, जो अनुभव और संभावनाओं के बीच सेतु का कार्य करता है। अंत में एआरसी के सहायक निदेशक सिद्धार्थ माथुर ने सभी का आभार व्यक्त किया। संवाद में बीटेक-सीएसई, बीटेक सीएसई-एआई, एमएल एवं डीएल, बीटेक-साइबर सिक्योरिटी और बीसीए के स्टूडेंट्स मौजूद रहे। संचालन स्टूडेंट्स गौरवी प्रजापति और अभिवंश जैन ने किया।

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