भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच बुधवार को संयम, तप और आत्मबल का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। लगभग 43 डिग्री तापमान में बालमुनिश्री अनुकरण सागर जी महाराज ने अंबाह से पोरसा की ओर नंगे पैर पद विहार किया। अंबाह से पढ़िए, यह खबर…
अंबाह। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच बुधवार को संयम, तप और आत्मबल का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। लगभग 43 डिग्री तापमान में बालमुनिश्री अनुकरण सागर जी महाराज ने अंबाह से पोरसा की ओर नंगे पैर पद विहार किया। तपती सड़कों और गर्म हवाओं के बावजूद मुनि श्री शांत भाव से लगातार आगे बढ़ते रहे। पिछले लगभग एक सप्ताह से अंबाह में धर्म प्रभावना कर रहे मुनि श्री के विहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ चले। पूरे मार्ग में “णमोकार मंत्र” और धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आरती कर उनका स्वागत किया। पद विहार से पूर्व अपने प्रवचन में मुनि श्री ने कहा कि जीवन में संयम, संतोष और आत्मबल सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने लोगों से क्रोध, अहंकार और लोभ से दूर रहकर धर्म एवं संस्कारों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। लगभग डेढ़ घंटे बाद पोरसा पहुंचने पर जैन समाज ने उनका भव्य स्वागत किया। भीषण गर्मी में मुनि श्री का यह पद विहार श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया।













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