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उपाध्याय श्री ने पंथवाद छोड़कर कुरीतियां दूर करने को कहा: मुनि विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक हुआ 


श्री नागौरी मंदिर में सोमवार को आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। कुचामनसिटी से पढ़िए, सुभाष पहाड़िया की यह खबर…


कुचामन सिटी। श्री नागौरी मंदिर में सोमवार को आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। विनोद झांझरी के अनुसार शांतिधारा करने का पुण्यार्जन ज्ञानचंद अर्पित कुमार पहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ। उपाध्याय श्री के प्रवचन से पूर्व सुमेरमल बज, बाबूलाल पहाडिया, अजित पहाड़िया, सौभागमल गंगवाल, सुभाष रांवका, संजय सेठी, अशोक झांझरी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वर्षा झांझरी ने मंगलाचरण किया। उपाध्याय श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि समाज को पंथवाद छोड़कर समाज में व्याप्त कुरीतियों को कम कर सदाचार का पालन करते हुए धर्म मार्ग पर बढ़कर आत्म कल्याण करना चाहिए।

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