चैत्र सुदी एकम विक्रम संवत 2083 के प्रारंभ में सभी जैन धर्मावलंबियों द्वारा सभी जैन मंदिरों में विशेष अभिषेक पूजन कर विक्रम संवत 2083(हिंदू नव वर्ष) का अभिनंदन किया गया। सनावद से पढ़िए, यह खबर…
सनावद। गुरुवार 19 मार्च चैत्र सुदी एकम विक्रम संवत 2083 के प्रारंभ में सभी जैन धर्मावलंबियों द्वारा सभी जैन मंदिरों में विशेष अभिषेक पूजन कर विक्रम संवत 2083(हिंदू नव वर्ष) का अभिनंदन किया गया।
सन्मति काका ने बताया कि आज के दिन सभी श्रद्धालुओं द्वारा नवीन वस्त्र धारण कर प्रातः काल की मंगल बेला में जल्दी उठकर मंदिरों में विशेष अभिषेक पूजन कर सभी को आपस में जय जिनेंद्र बोल कर हिंदू नव वर्ष की बधाई दी गई। इस अवसर पर बड़े मंदिर में विराजमान आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज ने अपनी देशना में कहा कि यह दिन स्वयं के भीतर के विकारों को दूर करने और नई सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करने का समय है। यह आत्म-चिंतन और सकारात्मक शुरुआत के लिए एक पवित्र अवसर माना जाता है। जैन धर्म में इस दिन संयम और साधना के साथ नए वर्ष का स्वागत किया जाता है। इस अवसर पर दिगंबर जैन पार्श्वंनाथ जैन बड़ा मंदिर, सुपार्श्वनाथ जैन मंदिर, आदिनाथ खंडेवाल मंदिर, श्रीमंदर जिनालय, महावीर जिनालय सहित नमोकार धाम पोदनपुरम में सभी समाज जनों ने दर्शन कर विक्रम संवत 2083 की शुभकामनाएं दी।













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