अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के खड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दरबार में भक्तों द्वारा भगवान का कलशाभिषेक किया गया। इस दौरान आज जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा की गई। अशोकनगर से राजीव सिंघई मोनू की यह खबर…
अशोक नगर। अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के खड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दरबार में भक्तों द्वारा भगवान का कलशाभिषेक किया गया। इस दौरान आज जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा की गई। जिसका सौभाग्य सौधर्म इन्द्र बनकर जैन समाज अशोकनगर के मंत्री विजय धुर्रा, इंसान इन्द्र दर्शनोदय थूवोनजी के मंत्री शैलेन्द्र दद्दा, सनत इन्द्र मंत्री प्रदीप जैन, रानी पिपरई, महेन्द्र इन्द्र बनकर सुमित जैन ने सौभाग्य प्राप्त किया। इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने इस तीर्थ के उद्धार के लिए इस अंचल के भक्तो से जोड़ा अब रोज रोज भक्तों के समूह पिपरई, मुंगावली,शाढ़ौरा, अशोक नगर से भक्तों के समूह आते हैं और जगत कल्याण की कामना करते हुए भगवान के चरणों में जगत के सुख शांति समृद्धि की कामना करते हुए भगवान की भक्ति से अपने आप को जोड़ते हैं। यहां असीम क़ालीन भक्तामर विधान का सौभाग्य हम सबको मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के आशीर्वाद से मिल रहा है। जिसे यह शुभ अवसर प्राप्त करना हो वह अपने नाम कमेटी तक पहुंच कर सौभाग्य प्राप्त कर सकता है।
मन्दिर निर्माण में शिला स्थापित करने का सौभाग्य प्राप्त करें
इस दौरान क्षेत्र कमेटी के पूर्व महामंत्री विपिन सिंघई ने कहा कि दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के संरक्षक परम संरक्षक बनकर हर व्यक्ति जुड़ सकता है। इसके लिए एक निश्चित राशि तीर्थ की सेवा में समर्पित कर भक्त ये सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। इस तीर्थ पर मन्दिरों की श्रृंखला तैयार हो रही है। इसमें भी भक्तों को शिला स्थापित करने का सौभाग्य मिला सकता है। यहां सामान्य शिला के साथ बीज अक्षर शिला और पंच बीज अक्षर शिला स्थापित की जा रही है। इस दौरान कमेटी की ओर से सभी पुण्यर्जकों का सम्मान स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया। इस दौरान संजय मोदी, मोनू जैन, सुमित जैन उपस्थित थे।











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