श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि में पर्वत पर स्थित चौबीसी मंदिर जिनालय में तदाकार पारसनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं नैनागिरि पूजा में 44 हजार 85वीं आवृत्ति पूजन के साथ अमृत महोत्सव की शुरु हुआ। इस मौके पर श्रुत मंदिर में विराजे श्रुत स्कंध के समक्ष सामूहिक णमोकार मंत्र का पाठ हुआ। बाहुबली जिनालय में संगीतमय आरती, भक्तामर पाठ, दीप अर्पित करने के विधान हुए। विभिन्न स्थानों से आए अतिथियों का सम्मान किया गया। पढ़िए नैनागिरी से रत्नेश जैन रागी की यह खबर…
नैनागिरि। श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि में शनिवार को सुबह पर्वत पर स्थित चौबीसी मंदिर जिनालय में तदाकार पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक एवं नैनागिरि पूजा में 44 हजार 85वीं आवृत्ति पूजन के साथ अमृत महोत्सव की शुरुआत हुई। इस मौके पर शाम को श्रुत मंदिर में विराजे श्रुत स्कंध के समक्ष सामूहिक णमोकार मंत्र का पाठ किया गया। इसके बाद बाहुबली जिनालय में संगीतमय आरती, भक्तामर पाठ के साथ दीप समर्पित किए गए। जैन तीर्थ नैनागिरि की संरक्षक न्यायमूर्ति विमला जैन, नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष आईएएस सुरेश जैन ने तीर्थ का ऐतिहासिक परिचय दिया और सभी से पुण्य संचय करने का आह्वान किया।
इन अतिथियों का किया सम्मान
इस मौके पर सुधीर जैन, डॉ. नवरंग, संजीब वैद्य, संतोष चौधरी, वीरेंद्रकुमार जैन टीकमगढ़, दिनेश जैन कोलकाता तथा भोपाल, सागर, टीकमगढ़, बकस्वाहा, बम्हौरी,सुनवाहा, कोलकाता,खडेरी,दलपतपुर आदि के अतिथियों को सम्मानित किया गया। जिसमें इस मौके पर पारस समवशरण परिक्रमा के संबंध में इंजीनियर अजित जैन भोपाल ने जानकारी दी। राजेश रागी, देवेंद्र लुहारी, सुरेश सिंघई, सुमतिप्रकाश तथा दीपेश जैन ने अतिथियों का अभिवादन किया। सभी कार्यक्रम विधि विधान से पं अशोक जैन बम्हौरी ने संपन्न करवाए।














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