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आर्यिका क्षमा श्री माताजी ससंघ का 37 वां चातुर्मास आरंभ: पार्श्वगिरी क्षेत्र में हुई कलश स्थापना 


वर्ष 2025 में पार्श्वगिरी अतिशय क्षेत्र पर प्रथम बार चातुर्मास होने जा रहा है। जिसमें आचार्य श्री कुंथूसागरजी की शिष्या गणिनी आर्यिका क्षमा श्री माताजी ससंघ 2 पिच्छी का 37 वां और पार्श्व गिरी क्षेत्र पर प्रथम बार चातुर्मास करवाने का मौका मिला हैै। लगभग 24 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र का निर्माण आचार्य श्री सन्मति सागरजी के निर्देशन और आशीर्वाद से शुरू हुआ था। बड़वानी से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…


बड़वानी। बड़वानी और बावनगजा क्षेत्र के मध्य सतपुड़ा की पहाड़ियों में स्थित पार्श्वगिरी अतिशय क्षेत्र, जहां पर मनोज्ञ मनोकामना पूर्ण चैतन्य चमत्कारी चतुर्थ कालीन श्री पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा विराजित हैं। लगभग 24 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र का निर्माण आचार्य श्री सन्मति सागरजी के निर्देशन और आशीर्वाद से शुरू हुआ था। जिसे एक वर्ष में पूर्ण किया था। इस श्री क्षेत्र के निर्माण के 23 वर्ष पूर्ण होने पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई। इस वर्ष 2025 में पार्श्वगिरी अतिशय क्षेत्र पर प्रथम बार चातुर्मास होने जा रहा है। जिसमें आचार्य श्री कुंथूसागरजी की शिष्या गणिनी आर्यिका क्षमा श्री माताजी ससंघ 2 पिच्छी का 37 वां और पार्श्व गिरी क्षेत्र पर प्रथम बार चातुर्मास करवाने का मौका मिला हैै। पार्श्व गिरी अतिशय क्षेत्र की कमेटी इसमें अध्यक्ष कमल गोधा लोहारी, उपाध्यक्ष निलेश बड़जात्या कुक्षी, गौरवजी कासलीवाल सिंघाना, हेमंत जी रावका बाकानेर, महामंत्री गौरव पहाड़िया, मंत्री सौरभ काला और कोषाध्यक्ष रूपेश जैन एवं सभी आजीवन सदस्यगण इस पहला चातुर्मास होने से उत्साहित हैं। बुधवार को पार्श्वगीरी क्षेत्र में वर्ष 2025 के चातुर्मास कलश की स्थापना भव्यता पूर्वक संपन्न हुई। पार्श्व गिरी क्षेत्र कमेटी ने इस अवसर पर तीन कलश स्थापित किए जिनके नाम रत्नत्रय के सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र हैं।

 कलश स्थापना का इनको मिला सौभाग्य 

सम्यक दर्शन कलश विराजमान करने का सौभाग्य भीकनगांव निवासी चंदा अशोक झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ। सम्यक ज्ञान कलश विराजमान करने का सौभाग्य लोहारी निवासी कमल गोधा को प्राप्त हुआ। सम्यक चारित्र कलश विराजमान करने का सौभाग्य बेड़ियां निवासी पंकज जटाले परिवार को प्राप्त हुआ। क्षेत्र कमेटी ने तीनों पुण्यार्जक परिवार का सम्मान तिलक, माला पहना कर किया गया। इस अवसर पर बड़वानी नगर में चातुर्मास करने वाली आर्यिका विकूंदन श्री माताजी ससंघ 2 पिच्छी भी इस कार्यकम के लिए पद विहार कर पार्श्व गिरी क्षेत्र पर पहुंची। दोनों संघों की आहारचर्या हुई।

इन नगरों और कस्बों से आए समाजजन 

इस अवसर पर बड़वानी, कुक्षी,पिपलिया, लोहारी, सिंघाना,बाकानेर, राणापुर, लोनारा, बेड़ियां, भीकनगांव, उज्जैन, पूना और इंदौर सहित अनेक स्थानों से साधर्मी पधारे। कार्यकम के बाद सभी के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन भी रखा गया था। साथ ही क्षेत्र के लगभग 80-90 आदिवासी बच्चों को भी भोजन करवाया गया। सभी अतिथियों का आभार क्षेत्र के महामंत्री गौरव पहाड़िया ने माना।

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